वानखेड़े स्टेडियम में करिश्माई प्रदर्शन के दम पर भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक सात एक दिवसीय मैचों की श्रृंखला के औसत में ऑस्ट्रेलियाई दबदबे में सेंध लगाने में सफल रहे।
ऑस्ट्रेलिया ने यह श्रृंखला 4-2 से जीती, जिसका असर औसत में दिखता है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उसके खिलाड़ियों का दबदबा है, लेकिन कार्तिक ने मुंबई ने 27 रन देकर छह विकेट लेकर खुद को गेंदबाजी औसत में काफी आगे पहुँचा दिया।
कप्तान महेंद्रसिंह धोनी की सिफारिश पर श्रृंखला के बीच टीम में लिए गए कार्तिक ने चार मैच में 20.50 की औसत से आठ विकेट लिए। उनका इकोनॉमी दर 4.45 रन प्रति ओवर रहा।
श्रृंखला में वैसे सर्वाधिक 14 विकेट और सर्वश्रेष्ठ औसत 18.57 ऑस्ट्रेलिया के मिशेल जॉनसन का रहा, लेकिन उन्होंने सात मैच खेले। औसत में कार्तिक उनके बाद दूसरे, जबकि विकेटों के मामले में चौथे नंबर पर आते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई ब्रैड हॉग ने 22.63 की औसत से 11 विकेट और भारतीय एस. श्रीसंथ ने 27.11 की औसत से नौ विकेट लिए। बल्लेबाजी में भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी छाए रहे। मैन ऑफ द सिरीज एंड्रयू साइमंड्स अंतिम मैच में जरूर शून्य पर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने पूरी श्रृंखला में 73.00 की औसत से 365 रन बनाए जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 110.60 रहा और उन्होंने सर्वाधिक 12 छक्के भी जड़े।
सचिन तेंडुलकर ने टूर्नामेंट में साइमंड्स और मैथ्यू हैडन के बाद सर्वाधिक 278 रन बनाए, लेकिन उनका औसत 39.71 और स्ट्राइक रेट 69.15 रहा। तेंडुलकर ने दोनों टीमों की तरफ से सर्वाधिक 36 चौके लगाए।
बल्लेबाजी औसत में साइमंड्स के बाद ब्रैड हैडिन 66.60 की औसत से 200 रन मैथ्यू हैडन 58.00 की औसत से 290 रन और रिकी पोंटिंग 49.75 की औसत से 199 रन का नंबर आता है। ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क 37.00 की औसत से 222 रन और एडम गिलक्रिस्ट 34.66 की औसत से 208 रन ने भी 200 से भी अधिक रन बनाए।
भारत की तरफ से तेंडुलकर के बाद युवराजसिंह ने 192 रन बनाए और उनका औसत 32.00 रहा। कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने 35.50 की औसत से 176 और रॉबिन उथपपा ने 33.40 की औसत से 167 रन बनाए। उथप्पा ने भारत की तरफ से सर्वाधिक छह छक्के भी जड़े।
दो पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ हालाँकि प्रभावित करने में असफल रहे। गांगुली ने पाँच मैच में 31.75 की औसत से 127 रन बनाए, जबकि द्रविड़ तो छह मैच में 10.20 की औसत से 51 रन ही बना पाए। इसी वजह से उन्हें सातवें और अंतिम एक दिवसीय मैच की टीम में नहीं चुना गया।
श्रृंखला के बीच में घायल होने वाले एक अन्य भारतीय बल्लेबाज गौतम गंभीर ने तीन मैच खेले, लेकिन उनमें वह केवल 17 रन ही बना पाए। जहाँ तक गेंदबाजी का सवाल है, तो भारत के मुख्य गेंदबाज जहीर खान ने 44.37 की औसत से आठ और इरफान पठान ने 40.28 की औसत से सात विकेट लिए।
बाएँ हाथ के तीसरे तेज गेंदबाज आरपी सिंह 41.40 की औसत से पाँच विकेट लिए। वे भारत के सबसे खर्चीले गेंदबाज भी रहे। उनका इकोनॉमी रेट 6.78 जबकि श्रीसंथ का 6.77 रहा।
पठान की तरह इस श्रृंखला से टीम में वापसी करने वाले ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने किफायती गेंदबाजी तो की, लेकिन वे विकेट लेने में असफल रहे। उन्होंने छह मैच में 4.83 की दर से प्रति ओवर रन दिए, लेकिन वष 87.00 की औसत से केवल तीन विकेट ले पाए।
ऑस्ट्रेलिया के मुख्य तेज गेंदबाज ब्रेट ली भी भारतीय पिचों पर विकेट लेने में असफल रहे। उन्होंने सात मैच में 40.00 की औसत से छह विकेट लिए। एक अन्य तेज गेंदबाज नाथन ब्रैकन चार मैच में चार विकेट ही ले पाए, जबकि जेम्स होप्स ने सात मैच में छह विकेट हासिल किए। मुरली की धुन पर थिरका भारत