पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को उनकी खराब फॉर्म के चलते ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुधवार को यहाँ वानखेडे स्टेडियम में सातवें और आखिरी एक दिवसीय अंतरराष्टीय मैच के लिए भारतीय टीम से हटा दिया गया और उनके वनडे कॅरियर में यह दूसरा मौका है, जब उन्हें टीम से हटाया गया है।
खराब फॉर्म के दौर से गुजर रहे द्रविड़ की जगह टीम में दिनेश कार्तिक को शामिल किया गया है। टॉस के समय हालाँकि कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी ने कहा कि द्रविड़ को विश्राम दिया गया है, लेकिन बीसीसीआई ने इस संदर्भ में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
वर्ष 1996 में अपना कॅरियर शुरू करने के बाद से यह दूसरा मौका है, जब उन्हें वनडे टीम से हटाया गया है। पहली बार द्रविड़ 1997 में हटाए गए थे, जब वष एक दिवसीय क्रिकेट से अपना तालमेल बैठाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
वे फिर 1997 में आठ मैच और 1998 में 26 मैच नहीं खेल पाए थे। टीम में वापसी करने के बाद से उन्होंने 300 से ऊपर मैच खेले और वे एक दिवसीय क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले सात खिलाड़ियों में छठें नंबर पर हैं।
द्रविड़ ने इंग्लैंड के सफल दौरे के बावजूद अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ दी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में उनकी फॉर्म में ज्यादा गिरावट आ गई है। इस श्रृंखला में वे बिल्कुल फ्लाप साबित हुए और पाँच अन्य मैचों में 10.20 के मामूली औसत से केवल 51 रन बना पाए।
उन्होंने अगल-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए कुल 80 गेंदों का सामना किया और वे दो बार शून्य पर आउट हुए। उनके कॅरियर में यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब उन्हें ऐसे खराब दौरे से गुजरना पड़ा है। वे पहले भी ऐसे दौर से गुजरे थे, लेकिन उसके बाद में उन्होंने जोरदार वापसी की थी।
वनडे क्रिकेट में 333 मैचों में 39.49 के औसत से 10585 रन बना चुके द्रविड़ ने अपने 12 एक दिवसीय शतकों में से आखिरी शतक मई 2006 में किंग्सटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया गया था, लेकिन उस मैच विजयी पारी के बाद अचानक ही उनकी फॉर्म में गिरावट आ गई थी और अगली दस पारियों में वह 11, 0, 15, 18 नाबाद 9, 26, 6, 0, 7 और 4 रन ही बना पाए थे।