फिर नहीं चला सचिन का बल्ला

बुधवार, 17 अक्टूबर 2007 (21:19 IST)
पिछले दस साल से अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे सचिन तेंडुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवें एक दिवसीय मैच में भी अपने चहेतों को निराश ही किया।

तेंडुलकर तब ब्रेट ली की गेंद अपने विकेटों पर मार गए जब भारतीय टीम संकट में थी। उनके आउट होते ही स्कोर तीन विकेट पर 38 रन हो गया। तेंडुलकर केवल 21 रन बना पाए, जिसमें चार चौके शामिल हैं।

अपने घरेलू मैदान पर पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में तेंडुलकर जब पहली पारी में एक और दूसरी पारी में 34 रन बनाकर आउट हुए तो दर्शकों ने उन पर फब्तियाँ कसी थी लेकिन बुधवार को दर्शक निराश थे। उन्हें तेंडुलकर से बड़ी पारी की आशा थी और यह बल्लेबाज भी भारी मन से पैवेलियन लौटा।

वानखेड़े स्टेडियम में तेंडुलकर ने आठ टेस्ट की 14 पारियों और दस एक दिवसीय मैचों सहित कुल 24 अंतरराष्ट्रीय पारियों में केवल दो शतक बनाए हैं। इनमें एक शतक उन्होंने टेस्ट जबकि दूसरा एक दिवसीय मैच में लगाया था।

इनमें अंतिम सैकड़ा तेंडुलकर ने दस साल पहले 1997 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में जमाया था। तब उन्होंने 114 रन की पारी खेली थी। इससे एक साल पहले मोहिंदर अमरनाथ बैनेफिट एक दिवसीय मैच में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 114 रन बनाए थे।

वानखेड़े स्टेडियम में तेंडुलकर ने दस एक दिवसीय मैच में 437 रन बनाए हैं, लेकिन पिछले छह मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्तमान मैच सहित उनके नाम पर केवल 166 रन दर्ज हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में टीवीएस कप में खेली गई 68 रन की पारी भी शामिल है।

तेंडुलकर ने वानखेड़े में अपना पहला एक दिवसीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 1994 में खेला था जिसमें वह खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बाद की तीन पारियों में हालाँकि उनका स्कोर 90.67 और 114 रन रहा।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यहाँ जो दो मैच खेले हैं उन दोनों में तेंडुलकर ने अर्धशतक जमाए थे लेकिन आज उनका यह क्रम टूट गया।

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