रॉबिन उथप्पा के साहसिक 48 रनों के बाद पुछल्ले बल्लेबाज जहीर खान ( नाबाद 31) और मुरली कार्तिक (नाबाद 21) के बीच हुई नौनें विकेट के लिए निभाई गई 52 रनों की साझेदारी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवें वनडे मैच में 2 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की।
भारत ने यह विजय 24 गेंद शेष रहते दर्ज की। इस तरह फ्यूचर कप का फैसला ऑस्ट्रेलिया के हक में 4-2 से हुआ। मुरली कार्तिक को 'मैन ऑफ द मैच और एंड्रयू सायमंड्स को 'मैन ऑफ द सिरीज' के पुरस्कार से नवाजा गया।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 41.3 ओवरों में 193 रन बनाए थे। भारत ने 46 ओवर में 8 विकेट खोकर 195 रन बना डाले। भारत की तरफ से मुरली कार्तिक ने जादुई गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 27 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे।
भारत की शुरुआत खराब रही और दूसरे ही ओवर में मिशेल जॉनसन ने सौरव गांगुली (0) को खाता खोलने के पहले ही गिलक्रिस्ट के दस्तानों में समा डाला। तब भारत के केवल 3 रन बने थे।
भारत गांगुली के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि चौथे ओवर में जॉनसन ने दूसरा झटका दिया और इस बार भी दिनेश कार्तिक (0) को गिलक्रिस्ट के हाथों कैच करवाया। इस तरह भारत 8 रन पर दो विकेट गँवा चुका था।
भारत ने तीसरा विकेट सचिन तेंडुलकर का खोया। सचिन जब 21 रनों के निजी स्कोर पर थे, तभी ब्रेट ली ने उनके डंडे बिखेर दिए। भारत का तीसरा विकेट 38 रनों पर गिरा।
ब्रेकन ने भारत को चौथा झटका देते हुए युवराजसिंह (15) को विकेट के पीछे झिलवाकर रिकी पोटिंग के लबों पर मुस्कराहट ला दी है। भारत का चौथा विकेट 49 के कुल स्कोर पर पैवेलियन लौटा।
ब्रेकन ने ऑस्ट्रेलिया को एक और 'ब्रेक' कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी का विकेट लेकर दिया। धोनी (5) ने आसान कैच गिलक्रिस्ट को थमा दिया। इरफान पठान अपना खाता भी नहीं खोल सके थे कि होप्स की गेंद पर माइकल क्लार्क द्वारा लपक लिए गए। 19 ओवरों के भीतर भारत 64 रन पर 6 सितारा बल्लेबाजों को खो चुका था।
रॉबिन उथप्पा ने 48 रन की पारी खेलकर भारत की उम्मीदें एक बार फिर जगाई थीं लेकिन 32वें ओवर में उन्हें क्लार्क ने पगबाधा आउट करके ऑस्ट्रेलियाई खेमे में खुशी का संचार किया। भारत ने सातवाँ विकेट 129 रनों के कुल स्कोर पर गँवाया।
शुरुआती स्पेल में भारत को करारे झटके देने वाले मिशेल जॉनसन ने दूसरे स्पेल में भी नरमी नहीं बरती और हरभजनसिंह (19) को स्लिप में पोटिंग के हाथों लपकवा डाला।
इससे पूर्व ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका जहीर खान ने मैच की पहली ही गेंद पर दिया, जब क्लार्क (0) उनकी गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। भारत को दूसरी सफलता के लिए दसवें ओवर का इंतजार करना पड़ा, जब इरफान पठान ने गिलक्रिस्ट को हरभजन के हाथों झिलवा दिया।
भारत के लिए 20वाँ ओवर काफी भाग्यशाली रहा। इस ओवर में मेजबान टीम को लगातार दो सफलाएँ हासिल हुईं। मुरली कार्तिक ने 20वें ओवर की पाँचवीं गेंद पर हॉग (16) को दिनेश कार्तिक के हाथों लपकवाया। अगली ही गेंद पर कार्तिक ने नागपुर के शतकवीर सायमंड्स (0) को पैवेलियन का रास्ता दिखा दिया। सायमंड को सचिन ने लपका।
ऑस्ट्रेलिया का पाँचवाँ विकेट रिकी पोंटिंग के रूप में गिरा, जब आरपी सिंह की गेंद पर विकेट के पीछे धोनी ने उन्हें लपकने में कोई गलती नहीं की। पोंटिंग ने 9 चौकों की मदद से 57 रन बनाए।
मुरली कार्तिक ने 32वें ओवर में अपनी जादुई स्पिन से तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को सकते में ला दिया। कार्तिक ने ओवर की पहली गेंद पर हैडिन को 19 रनों पर पगबाधा आउट किया। इसके बाद पाँचवीं और छठी गेंद पर क्रमश: ब्रेट ली और जॉनसन को खाता खोलने के पहले ही पैवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
मुरली ने अपना करिश्मा 36वें ओवर में एक बार फिर दिखाया और होप्स को 22 रनों पर बोल्ड कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम विकेट ब्रेकन (3) का खोया, जिन्हें हरभजनसिंह ने आरपी सिंह की गेंद पर लपका। इस तरह मेहमान टीम की पारी 41.3 ओवरों में 193 रनों पर सिमट गई।