घर में किस जगह पर होता है राहु और केतु का स्थान

Vastu Direction of Rahu and Ketu: यदि आप घर में राहु और केतु के स्थान को जानकर उन्हें वास्तु के अनुसार ठीक कर लेते हैं तो भविष्य में होने वाली घटना और दुर्घटना से बच सकते हैं। जैसे घर्म में पूर्व का स्थान सूर्य का होता है दक्षिण का स्थान मंगल और यम का होता है उसी तरह घर में राहु और केतु के स्थान भी होते हैं। यदि इन स्थानों पर कोई दोष है तो इसका असर जीवन पर नकारात्मक पड़ता है।
 
दक्षिण पश्‍चिम दिशा : घर की दक्षिण पश्‍चिम दिशा राहु और केतु की दिशा मानी गई है। वास्तु के अनुसार यहां पर शौचालय होना चाहिए या इन स्थान पर मुखिया का कमरा होना चाहिए। नहीं तो यहां पर भारी सामान रखना चाहिए।
 
राहु का स्थान : घर में कोई अंधेरे वाला कमरा, शौचालय और सीढ़ियां राहु का स्थान होता है। यदि शौचालय गंदा है, सीढ़िया टूटी फूटी है या यह दोनों ही गलत दिशा में बने हैं तो राहु का आपके जीवन पर बुरा असर होगा। यह घर के मुखिया के लिए सही नहीं है। दुर्घटना होने की संभावना है।
 
केतु का स्थान : घर में खिड़कियां, दरवाजे, कोने और छत केतु का स्थान हैं। इनमें किसी भी प्रकार का वास्तु दोष से तो घर की संतानों पर इसका बुरा असर पड़ता है। अचानक से कोई घटना घटती है। जातक जीवनभर धोखे खाता रहता है।
Rahu Ketu
राहु का मकान : जिनका घर राहु का घर है वह अंदर से बहुत ही भयानक अहसास वाला होता है। कई दिनों से खाली पड़ा डरावना-सा मकान भी राहु के असर वाला घर हो सकता है। आपने देखा होगा किस किसी के घर में घुसते ही अजीब सा महसूस होता है। हवा वहां की स्थित लेकिन अजीब अहसार पैदा करने वाली होती है। अक्सर हवेलीनुमा घरों में ऐसा होता है।
 
इस तरह के घरों में या तो आत्मा का निवास होता है या फिर यहां रहने वाले लोग ही खुद भूत की तरह रहते हैं, जिनकी जिंदगी एक रहस्य बनकर रह जाती है। यदि राहु का बुरा असर है तो यहां आने जाने वाले लोग कम होंगे और घर का कोई सदस्य आत्महत्या कर सकता है या किसी की हत्या हो सकती है। लेकिन राहु का अच्छा असर है तो ऐसे घर खानदानी और रईस साबित होते हैं।
 
वैसे आमतौर पर भारत के दक्षिण इलाके के अलावा अन्य घरों के आसपास नारियल के पेड़ नहीं होते, तो केक्टस को भी राहु का कारक माना जाता है। यदि आपके अपने घर में या घर के आसपास केक्टस लगा रखा है तो अपके घर पर राहु का असर होगा। हालांकि राहु के असर वाले और भी पौधे होते हैं। नारियल में राहु का अच्छा असर होता है लेकिन केक्टर में बुरा।
 
केतु का मकान : केतु का मकान अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। केतु के मकान की निशानी है कि यह मकान कोने का होगा। तीन तरफ मकान एक तरफ खुला या तीन तरफ खुला हुआ और एक तरफ कोई साथी मकान या खुद उस मकान में तीन तरफ खुला होगा। यदि केतु के मकान है तो केतु के मकान में नर संतानें लड़के चाहे पोते हों, लेकिन कुल तीन ही होंगे। इस मकान में बच्चों से संबंधित, खिड़कियां, दरवाजे, बुरी हवा, अचानक धोखा होने का खतरा रहता है। हो सकता है कि मकान के आसपास इमली का वृक्ष, तिल के पौधे या केले का वृक्ष हो।
 

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