भाजपा ने कई वरिष्ठ नेताओं जैसे शांता कुमार, बीसी खंडूरी और करिया मुंडा को चुनाव में नहीं उतारा है। इसे मोदी और शाह के नेतृत्व में पार्टी की युवा नेताओं को उनके स्थान पर तैयार करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इन नेताओं में से कुछ ने आगामी चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई थी।