CBI, ED, NIA एजेंसियां BJP के हथियार, TMC नेताओं पर BJP में शामिल होने का दबाव

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

रविवार, 7 अप्रैल 2024 (22:57 IST)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं से या तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने या कार्रवाई का सामना करने के लिए कह रही हैं।
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पुरुलिया जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के ‘हथियार’ के रूप में काम कर रही हैं।
 
उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं को परेशान करने के लिए एनआईए, ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वे बिना किसी पूर्व सूचना के छापेमारी कर रहे हैं और घरों में घुस रहे हैं। जब रात में सभी लोग सो रहे हों और कोई उनके घर में घुस जाए तो महिलाएं क्या करेंगी।
 
बनर्जी भूपतिनगर में शनिवार की घटना का जिक्र कर रही थीं जहां एक विस्फोट मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने गई एनआईए की एक टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था। 
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उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियां हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को या तो भाजपा में शामिल होने या कार्रवाई का सामना करने के लिए कह रही हैं।
 
लोगों से किसी के उकसावे में न आने की अपील करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकती है। मुख्यमंत्री ने केंद्र की भाजपा-नीत सरकार पर पश्चिम बंगाल को मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के लिए धन से वंचित करने का भी आरोप लगाया।
 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को आवास बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये देगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अभी हमें पैसे देने की अनुमति नहीं देगा। चुनाव के बाद हम गरीबों के घर बनाएंगे।’’
 
एनआईए-बीजेपी में अपवित्र गठजोड़ : एनआईए और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ‘अपवित्र गठजोड़’ है। पार्टी ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग ने इस मुद्दे पर ‘स्पष्ट रूप से चुप्पी साध’ ली है।
 
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ एनआईए और भाजपा के बीच बनता गठजोड़ महसूस हो रहा है। तृणमूल नेताओं और आदर्श आचार संहिता के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं।’’
 
बनर्जी ने कहा कि ‘‘यह मिलीभगत जारी है। निर्वाचन आयोग चुप्पी साधकर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के अपने दायित्वों की अनदेखी कर रहा है।’’
 
बनर्जी के पोस्ट से पहले टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने 26 मार्च को शहर के न्यू टाउन इलाके में अपने अपार्टमेंट में एनआईए के एक अधिकारी से मुलाकात की थी और राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोकसभा चुनाव से पहले एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले टीएमसी नेताओं की एक सूची सौंपी थी। घोष के मुताबिक उक्त नेता पूर्वी बर्धमान जिले का है और पहले तृणमूल का सदस्य था।
 
घोष ने कहा, ‘‘मैं उस नेता को चुनौती देता हूं कि या तो वह उस दिन की अपनी गतिविधि को लेकर पर्याप्त सबूत दें और मेरे आरोपों का खंडन करें या हम 48 घंटों के बाद उनके कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सबूत के साथ सामने आएंगे।’’
 
जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पश्चिम बंगाल की वरिष्ठ मंत्री और पार्टी की राज्य महिला इकाई की प्रमुख चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि वह केवल इतना ही कहेंगी कि एनआईए ने चुनाव से ठीक पहले 2022 के विस्फोट के मामले की जांच शुरू की है और ‘‘भूपतिनगर में प्रमुख टीएमसी नेताओं की संलिप्तता पाई।’’
 
उन्होंने कहा कि ‘‘इससे पता चलता है कि यह सिर्फ एनआईए द्वारा एक घटना के संबंध में कुछ लोगों को गिरफ्तार करने और स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करने का मामला नहीं है। यह केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके भाजपा द्वारा टीएमसी के खिलाफ गहरी साजिश को दर्शाता है।’’
 
आसनसोल के पूर्व महापौर और वरिष्ठ भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने एक टीवी चैनल से कहा कि बढ़ते भ्रष्टाचार और महिलाओं तथा गरीब ग्रामीणों के खिलाफ आतंक और अत्याचार के मामलों में संलिप्तता के कारण टीएमसी को अपने पैरों तले जमीन खिसकती दिख रही है और इसलिए वह ‘‘झूठी और काल्पनिक कहानियां गढ़ रही है।’’
 
तिवारी ने कहा, ‘‘अगर टीएमसी नेता कुणाल घोष इस बात का सबूत नहीं दे पाते हैं कि मैं या हमारा कोई नेता एनआईए जांच को प्रभावित करने या उनके किसी अधिकारी से मिलने में शामिल था, तो मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर करूंगा।’’
 
भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि टीएमसी के आरोप दिखाते हैं कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के गलत कृत्यों में संलिप्तता के बढ़ते सबूतों से हाताश है और इसलिए झूठी कहानियां गढ़ रही है।
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में 2022 के विस्फोट मामले में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार करने गई एनआईए की एक टीम पर शनिवार को कथित तौर पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांचकर्ताओं पर ग्रामीणों पर हमला करने का आरोप लगाया था।
 
एनआईए ने कहा कि भूपतिनगर में हुए हमले में उसका एक अधिकारी घायल हो गया और एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इनपुट भाषा  Edited By : Sudhir Sharma

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