भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। देश भी सुरक्षित है और मध्यप्रदेश भी सुरक्षित है। महिला दिवस और रंगपंचमी से पूर्व प्रारंभ हुए 'क्वींस ऑन द व्हील्स' के अंतर्गत थर्ड महिला बाइकिंग टूर में देशभर से आईं बाइक राइडर बहनें पर्यटन के रंग बिखेरेंगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश की बेटियों के लिए अद्वितीय, साहसपूर्ण और फलदायी सिद्ध होगी। मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा की गारंटी के रूप में यह टूर प्रारंभ किया जा रहा है। इसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों की 25 साहसी महिला बाइक राइडर्स शामिल हैं। यह यात्रा 7 से 13 मार्च तक चलेगी, जिसमें हमारी बहनें 1400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
टीम से किया संवाद-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में 'क्वींस ऑन द व्हील्स' के थर्ड बाइकिंग टूर का शुभारंभ करने के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर बाइक राइडर्स ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। मध्य प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रचारित करने वाले युवाओं से संवाद किया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाया।
यहां-यहां जाएगी क्वीन्स ऑन द व्हील्स-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल मध्यप्रदेश के पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। बाइकिंग टूर पर निकली बहनें प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल- सांची, उदयगिरी, चंदेरी, खजुराहो, कूनो नेशनल पार्क, ग्वालियर, मितावली, ओरछा और खजुराहो से होकर गुजरेंगी। निमाड़ की सादगी, मालवा की जीवंतता, बुंदेलखंड की शौर्यगाथा, बघेलखंड की लोक कलाएं, चंबल का गौरवशाली इतिहास और महाकौशल की सुंदरता हमारे प्रदेश की विशेषता है।
एक्सपर्ट हैं टीम में शामिल महिलाएं-प्रदेश में स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण, सुरक्षित एवं धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश आईं बहनों को आत्मीयता का अनुभव हो रहा है। इस दल में शामिल महिला राइडर्स काफी अनुभवी हैं। अपनी राइड के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। जिला प्रशासन महिला राइडर्स के दल के ठहरने सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करेंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे।