दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म, देर रात विधानसभा सचिवालय खोलने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

भोपाल ब्यूरो

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 (11:55 IST)
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई है। दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा मिलने के बाद देर रात विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है और दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। दरअसल जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उनकी सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है।
 
आधी रात में विधानसभा में चला सियासी ड्रामा- इससे पहले गुरुवार रात विधानसभा में खूब सियासी ड्रामा चला है। विधानसभा सचिवालय के देर रात खुलने की खबर मिलते ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सीधे विधानसभा पहुंच गए। जीतू पटवारी जब विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के केबिन में पहुंचे तो वह आदेश टाइप कर रहे थे। जिस पर जीतू पटवारी ने आपत्ति उठाई। इसके  बाद प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा फौरन विधानसभा से रवाना हो गए। वहीं जीतू पटवारी ने आधी रात विधानसभा सचिवालय को खोले जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजेंद्र भारती के फैसले पर कोर्ट का स्टे है लेकिन पहली बार विधानसभा देर रात खुली।

कांग्रेस ने कहा कि लोकतंत्र और सिस्टम का मखौल उड़ाने पर तुली भाजपा का असंवैधानिक रवैया एक बार फिर सामने आया है! कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती जी की सदस्यता को खत्म करने के लिए भाजपा सरकार के इशारे पर रात में विधानसभा सचिवालय खोला गया! संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था विधानसभा सचिवालय का सत्ता और भाजपा के आगे इस तरह घुटने टेक देना अराजकता को स्पष्ट सिद्ध करता है! भाजपा की यह गुंडागर्दी और सचिवालय का दुरुपयोग अस्वीकार्य है! लोकतंत्र कुचलने और राजनीतिक विद्वेष की इस लड़ाई का कांग्रेस पूरी ताकत से मुकाबला करेगी!
 
क्या है पूरा मामला?- कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जिस मामले में सजा मिली है वह पूरा मामला 27 साल पुरान  साल 1998 का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के नाम पर संचालित एक संस्थान की 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी, जिस पर तत्कालीन ब्याज दर 13.5 प्रतिशत थी। बाद में जब बैंक ने ब्याज दरें कम कर दीं, तब राजेंद्र भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के तत्कालीन लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर दस्तावेजों में काट-छाँट की और एफडी की समय सीमा को बढ़ाकर 15 साल कर दिया, जिससे पुरानी ब्याज दर का लाभ मिलता रहे।
 
इस मामले का खुलासा साल 2011 में हुआ जब बैंक के तत्कालीन प्रशासक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की मांग की। हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर मामला जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय तक पहुँचा। बाद में राजेंद्र भारती की मांग को पूरे मामले को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर किए है। गुरुवार को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने बैंक एफडी हेराफेरी और जालसाजी के  मामले में 3 साल की सजा सुनाई है।  कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को दो धराओं में 3--3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। हलांकि कोर्ट ने कांग्रेस विधायक को जमानत भी दे दी थी।
 
कोर्ट ने राजेंद्र भारती और बैंक के तत्कालीन कर्मचारी रघुवीर प्रजापति को आईपीसी की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (जालसाजी) के तहत दोषी पाया और दोनों को ही 3 साल की सजा सुनाई। 
 
क्या दतिया में होगा उपचुनाव?- कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी खत्म होने के गजट नोटिफिकेशन के साथ हाईप्रोफाइल सीट दतिया पर पहली बार उपचुनाव की संभावना बढ़ गई है। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और तत्काली गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। ऐसे में अब राजेंद्र भारती  को अगर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती है तो दतिया में उपचुनाव तय है। वहीं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पिछले कुछ दिनों से लगातार यह संकेत दे रहे है कि वह अगला चुनाव भी  दतिया से लड़ेंगे। ऐसे में अगर दतिया में उपचुनाव होता है तो नरोत्तम मिश्रा फिर एक बार भाजपा के टिकट पर चुनावी  मैदान में होंगे। 
 

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