Maharashtra News in hindi : महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना से महाराष्ट्र की सियासत गरमाती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस तुलना को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को इस पर शर्म आनी चाहिए।
हर्षवर्धन सपकाल ने अपने बयान में कहा कि जिस तरह शिवाजी महाराज ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उसी तरह टीपू सुल्तान ने भी संघर्ष किया था। टीपू सुल्तान को लेकर इतिहास में अलग-अलग राय है, जहां कुछ लोग उन्हें बहादुर मानते हैं तो कुछ उन पर कट्टरता का आरोप लगाते हैं।
क्या बोले सीएम फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र इस तरह की तुलना कभी स्वीकार नहीं करेगा। इसके लिए उन्होंने सपकाल को माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस से भी इस मामले पर अपना रुख साफ करने को कहा।
क्या बोले ओवैसी
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस साहब, क्या यह बात सच नहीं है कि टीपू के पास से जो अंगूठी निकली उस पर राम लिखा था। 2014 में वर्सिनिया में इसकी नीलामी हुई थी। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल थे। उन्होंने सावरकर की तरह जेल में बैठकर अंग्रेजों को लव लेटर नहीं लिखा। वह अंग्रेजों से मुल्क को आजाद कराने के लिए शहीद हो गए।
सचिन सावंत का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर टीपू सुल्तान को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले भाजपा नेताओं ने टीपू सुल्तान की तारीफ की थी, लेकिन अब वे वोट पाने के लिए विरोध कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
सावंत ने कहा, 2012 में अकोला नगर निगम में भाजपा नेता विजय अग्रवाल ने एक हॉल का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया था। 2013 में भाजपा पार्षदों ने मुंबई के एम-ईस्ट वार्ड में एक सड़क का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का समर्थन किया था। 2001 में अंधेरी वेस्ट में एक सड़क का नाम टीपू सुल्तान मार्ग रखने के प्रस्ताव में पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी और भाजपा पार्षद शामिल थे।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान की मजार पर जाकर विजिटर्स बुक की तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि 2017 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कर्नाटक विधानसभा में टीपू सुल्तान की सराहना की थी।