बताया जा रहा है कि आम्फान तूफान आयला से भी भयंकर हो सकता है। आम्फान तूफान को देखते हुए बंगाल ट्रेन नहीं भेजने की सलाह दी गई है। आम्फान को देखते हुए 3 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। तूफान को देखते हुए कई शेल्टर होम्स बनाए गए। NDRF, SDRF, बिजली, निगम, पुलिस विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। राज्य सरकार ने कंट्रोल रूम भी बनाया है।
BSF ने बनाई चलती-फिरती चौकियां : सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश नदी क्षेत्र मोर्चे और इच्छामती नदी की सुरक्षा के लिए तैनात अपनी तीन चलती-फिरती सीमा चौकियों या जहाज तथा 45 अन्य गश्ती नौकाओं को चक्रवात अम्फान के मद्देनजर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। बीएसएफ का दक्षिण बंगाल फ्रंटियर इन जहाज और नौकाओं का इस्तेमाल इस क्षेत्र में 350 किलोमीटर लंबे नदी क्षेत्र की चौकसी के लिए करता है।
वह यहां 930 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है जिसमें सुंदरबन, एश्चुअरी प्वाइंट, इच्छामती नदी और पानीतार का 110 किलोमीटर लंबा क्षेत्र आता है। इस इलाके में दोनों देशों की भूमि और नदी सीमाएं एक-दूसरे से मिलती हैं।
एनडीआरएफ में अपनी सेवा दे चुके गुलेरिया ने कहा कि इलेक्ट्रिशियनों, राज-मिस्त्रियों और इंजीनियरों की एक टीम नदी सीमा क्षेत्रों में भेजी गई है ताकि वे किसी नुकसान की सूरत में बुनियादी ढांचों की यथाशीघ मरम्मत और बहाली में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नदी सीमा चौकियों पर सेटेलाइट फोन भी प्रदान किए गए हैं ताकि संवाद कायम रहे।