शाह ने 'एक्स' पर कहा : शाह ने 'एक्स' पर कहा कि उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के डीजी से बात की। हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से लगा हुआ है। एनडीआरएफ की दो टीम भी जल्द ही घटना स्थल पर पहुंच रही हैं।
हिमस्खलन से 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए थे : उत्तरखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सड़क किनारे बनी झोपड़ियों पर हुए हिमस्खलन से 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए थे। हालांकि, इनमें से 16 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि दबे 41 अन्य मजूदरों को निकालने का काम जारी है।बदरीनाथ से लगभग तीन किलोमीटर दूर माणा भारत-तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
दुखद समाचार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।(भाषा)