Army Chief General Upendra Dwivedi News : थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आज दुनिया में कई तरह के खतरे हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि आज के जटिल खतरों के दौर में कोई भी देश अकेले सुरक्षित नहीं रह सकता। जनरल द्विवेदी ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी एक अवसर का पुल है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भविष्य की सफलता के लिए अकादमिक, उद्योग और सेना की त्रिकोणीय साझेदारी जरूरी है। अनुसंधान एवं विकास हमें यह सिखाता है कि हम क्या बना सकते हैं, जबकि रणनीतिक साझेदारी हमें यह बताती है कि हम क्या प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए ब्रह्मोस मिसाइल और के9 वज्र तोप को साझा नवाचार की सफलता बताया। उन्होंने साझा रक्षा नवाचार को सबसे मजबूत ढाल बताया।
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खड़गा कोर का दौरा किया। सेनाध्यक्ष का यह दौरा न केवल कोर की तैयारियों का मूल्यांकन था, बल्कि यह सैनिकों के उत्साहवर्धन और भारतीय थलसेना की सतत आधुनिकीकरण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
थलसेना प्रमुख ने कहा कि एक बार यह उपलब्धि हासिल हो जाए तो फिर एक से सौ तक पहुंचना आसान होता है। उन्होंने बताया कि सैनिकों की संख्या स्थिर रहेगी, लेकिन तकनीक के बेहतर उपयोग से उनकी दक्षता 1.5 से दो गुना बढ़ाई जाएगी। आज युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। अब संघर्ष का रूप इतना तरल हो चुका है कि यह सीमाओं, क्षेत्रों या मैदानों में बंधा नहीं है।
Edited By : Chetan Gour