जाति सर्वे टालना चाहती है सरकार, कांग्रेस ने लगाया यह आरोप, कहा- PM मोदी मांगें माफी

वेबदुनिया न्यूज़ टीम

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 (12:11 IST)
कांग्रेस ने आज कहा कि सरकार द्वारा जातीय जनगणना की घोषणा किए एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं है कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाएगी? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातीय सर्वे को टालना चाहते हैं। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का रुख शुरू से ही साफ नहीं रहा है और बार-बार अपने फैसले बदलती नजर आई है। रमेश ने यह भी कहा कि जाति जनगणना की मांग के लिए कांग्रेस पर 'अर्बन नक्सल की सोच' होने का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री को पार्टी के नेतृत्व से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस ने आज कहा कि सरकार द्वारा जातीय जनगणना की घोषणा किए एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक ये साफ नहीं है कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी की जाएगी? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातीय सर्वे को टालना चाहते हैं। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का रुख शुरू से ही साफ नहीं रहा है और बार-बार अपने फैसले बदलती नजर आई है।
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रमेश ने यह भी कहा कि जाति जनगणना की मांग के लिए कांग्रेस पर 'अर्बन नक्सल की सोच' होने का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री को पार्टी के नेतृत्व से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आज ही के दिन एक साल पहले मोदी सरकार ने आगामी जनगणना में जातीय गणना को भी शामिल करने की घोषणा की थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 16 अप्रैल 2023 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जनगणना के साथ ही जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। हालांकि 28 अप्रैल 2024 को एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने  कहा था कि जातीय जनगणना की मांग अर्बन नक्सल की सोच को दर्शाती है। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगनी चाहिए।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तक ये साफ नहीं है कि जातीय गणना कैसे की जाएगी? विपक्षी दलों, राज्य सरकारों और इस विषय के विशेषज्ञों से कोई बातचीत नहीं की गई है। रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री को देश की जनता को यह बताना चाहिए कि 30 अप्रैल 2025 को जब उन्होंने जाति जनगणना की घोषणा की, तब उन्होंने अपने मन को 'अर्बन नक्सल' सोच से दूषित होने कैसे दिया?
Edited By : Chetan Gour 

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