क्या है मामला
रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों को प्रकाशित किया था। इसके बाद वर्ष 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में डेरा मुखी सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले को बाबा रहीम ने उच्च अदालत में चुनौती दी थी।
हरियाणा में बाबा का प्रभाव
डेरा सच्चा सौदा की अगुवाई करने वाले राम रहीम का हरियाणा में सबसे ज्यादा प्रभाव है और इसका मुख्यालय भी हरियाणा के सिरसा में ही है। एक अनुमान के मुताबिक डेरा के 1.25 करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं तथा देशभर में 3 दर्जन से ज्यादा शाखाएं हैं। इनमें अकेले हरियाणा में 21 शाखाएं हैं। सिरसा, हिसार, फतेहाबाद में राम रहीम का अच्छा खासा प्रभाव है।
गुरमीत राम रहीम सिंह, जो कभी खुद को फिल्मों में 'मैसेंजर ऑफ गॉड' कहता था, 2017 से अब तक वह 400 से अधिक दिन जेल की चारदीवारी से बाहर बिता चुका है। वह कभी फरलो पर बाहर आता है तो कभी उसे पैरोल मिल जाती है।