वैष्णोदेवी में लगी कोरोना पॉजिटिव की कतार, 3 पुजारी समेत 22 लोग संक्रमित, श्राइन बोर्ड यात्रा रोकने को नहीं तैयार

सुरेश एस डुग्गर

मंगलवार, 18 अगस्त 2020 (17:01 IST)
जम्मू। वैष्णोदेवी यात्रा (Vaishnodevi Yatra) में शामिल होने वालों पर कोरोनावायरस (Coronavirus) की मार पड़ने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि 24 घंटों के भीतर वैष्णोदेवी भवन में और 22 पुजारी, श्राइन बोर्ड कर्मचारी व पुलिस के जवान कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हड़कम्प मचा हुआ है। पर बावजूद इसके श्राइन बोर्ड 16 अगस्त से आरंभ हुई यात्रा को रोकने के पक्ष में नहीं है, जिसके प्रति एक सचाई यह भी है कि मात्र 2000 श्रद्धालुओं के लिए वह प्रतिदिन सैकड़ों की जान सांसत में डाल रहा है।
 
अधिकारियों ने बताया कि वैष्णोदेवी भवन में 24 घंटों में 22 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इन नए मामलों में तीन पुजारी, चार पुलिस जवान और माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड के कर्मचारी शामिल हैं। रविवार को भी 20 मामले सामने आए थे। कुल मिलाकर 100 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

इतने कोरोना संक्रमित मिलने के बाद रियासी जिलायुक्त भवन को रेड जोन घोषित करना चाहते हैं जिसको लेकर श्राइन बोर्ड तथा जिलायुक्त कार्यालय के बीच तनातनी का माहौल है। दरअसल, नियमों के मुताबिक जिस इलाके से 8 या 10 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आते हैं उस इलाके को रेड जोन घोषित कर दिया जाता है। पर वैष्णो देवी भवन को लेकर खतरा मोल लिया जा रहा है।
करीब 5 महीने के अंतराल के बाद रविवार को माता वैष्णो देवीजी की यात्रा शुरू कर दी गई, लेकिन इस यात्रा के शुरू होने के साथ ही कोरोना संक्रमण तेजी से वैष्णो देवी के मंदिर परिसर में फैल रहा हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों कर मुताबिक सोमवार शाम को माता वैष्णोदेवी मंदिर परिसर में कोरोना संक्रमण के 22 नए मामले सामने आए हैं।
 
यात्रा के दौरान अन्य राज्यों के साथ ही जम्मू-कश्मीर के रेड जोन क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर रैपिड टेस्ट किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन द्वारा कटड़ा के नए बस अड्डा के साथ ही वैष्णोदेवी के प्रवेश मार्ग यानी दर्शनी ड्योढ़ी में रैपिड कोविड सेंटर बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं का डॉक्टरों द्वारा कोविड टेस्ट किया जा रहा है। जिन श्रद्धालुओं की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो डॉक्टरों द्वारा उनकी बाजू पर मुहर लगाई जाती है, ताकि वैष्णोदेवी यात्रा के दौरान जांच कर रहे अधिकारियों को श्रद्धालु बाजू पर लगाई गई मुहर दिखा सकें।
 
इससे पहले रविवार तक यहां करीब 20 संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई थी। भवन में कोरोना मामलो में हुई इस बढ़ोतरी के बाद श्राइन बोर्ड ने भवन में ही कोविड केयर फैसिलिटी की शुरुआत की है और सभी संक्रमित लोगों को एक भवन में रखा है। सोमवार को करीब 200 लोगों ने माता वैष्णो देवी के पिंडियों के दर्शन किए जबकि एक महिला को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद यात्रा करने से रोक दिया गया था।

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