बहादुर नर्स ने निपाह वायरस ग्रसित मरीज की सेवा करते हुए जान दी, पति को लिखा मार्मिक पत्र...

मंगलवार, 22 मई 2018 (14:04 IST)
केरल में जहां एक तरफ निपाह वायरस का डर है वहीं इस खतरनाक जानलेवा बीमारी से लड़ने वाली नर्स लिनी की कुर्बानी पर गर्व भी है। लिनी को अब न सिर्फ केरल बल्कि पूरे भारत और दुनियाभर के चिकित्सासेवा क्षेत्र में हीरो की तरह देखा जा रहा है। सभी लोग लिनी के सेवा भाव की प्रशंसा कर रहे हैं है जिसमें उन्होंने नर्सिंग के कर्तव्य को पूरा करते-करते अपना जीवन की ही आहुति दे दी। 
 
ALSO READ: कितना खतरनाक है निपाह (NiV) वायरस, क्या हैं लक्षण और कैसे फैलता है?
केरल के कोझिकोड जिले में फैले घातक और दुर्लभ निपाह वायरस के इंफेक्शन से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से एक पेरांबरा तालुक अस्पताल में कार्यरत नर्स लिनी (31) भी शामिल हैं। लिनी ने मरते हुए एक बड़ा त्याग किया है, जिसके बाद उनकी काफी चर्चा हो रही है। लिनी ने आखिरी दम तक परिवार को खुद से दूर रखा था ताकि उनसे उनके प्रियजनों को संक्रमण न फैले। उनकी आखिरी विदाई भी परिवार वालों के बिना हुई।
 
लिनी के परिवार ने शव को घर लाने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को विद्युत श्मशान से ही दाह संस्कार करने को कहा था। जिससे यह जानलेवा बीमारी दूसरों को न हो जाए।
 
केरल के पर्यटन मंत्री कदाकमपल्ली सुरेंद्रन ने लिनी की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए फेसबुक पर लिनी का आखिरी पत्र शेयर किया जो उन्होंने अपने पति के लिए लिखा था, 'मुझे नहीं लगता कि अब मैं तुमसे मिल पाऊंगी। प्लीज हमारे बच्चों की देखभाल करना। उन्हें अपने साथ गल्फ (खाड़ी देश) ले जाओ, और हमारे पिता की तरह बिल्कुल अकेले मत रहना।' 
 
लिनी कोझिकोड के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थीं। पिछले साल सितंबर में वह एक कॉन्ट्रैक्ट बेस पर पेरंबरा तालुक अस्पताल में कार्यरत हो गईं। 

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी