राज्यसभा सांसद राघव चढ्डा आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद से ही चर्चाओं में बने हुए हैं। आप छोड़ने के बाद उनके पास राजनीति से संन्यास समेत 3 विकल्प थे।
उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। राघव चढ्डा ने अपने इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने की घोषणा करते समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके पास तीन विकल्प थे।
राजनीति छोड़ देना (संन्यास लेना): उन्होंने बताया कि उन्होंने इस विकल्प पर काफी समय तक विचार किया था, लेकिन अंततः उन्होंने इसे नहीं चुना।
उसी पार्टी में रहकर बदलाव की कोशिश करना: चढ्डा के अनुसार, यह संभव नहीं हो पा रहा था क्योंकि पार्टी का माहौल उनके लिए "टॉक्सिक" हो गया था और उनके काम को दबाया जा रहा था।
भाजपा से जनता की सेवा जारी रखना: उन्होंने इसी तीसरे विकल्प को चुना है ताकि वे एक "सकारात्मक राजनीति" कर सकें। अतः राघव चड्ढा ने राजनीति से दूर होने के बजाय एक नए मंच के साथ अपना राजनीतिक सफर जारी रखने का निर्णय लिया।
भाजपा में क्यों हुए शामिल
राघव चढ्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आतंकवाद से निपटने और देश को मजबूत बनाने के लिए ऐसे "कठोर निर्णय" लिए हैं, जिन्हें लेने में पिछली सरकारें हिचकिचाती थीं। उन्होंने मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र के लिए काम करने की इच्छा जताई है।
उन्होंने राजनीति छोड़ने, पार्टी में सुधार की कोशिश करने और किसी दूसरे मंच पर जाने के विकल्पों पर विचार किया, और अंततः भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया ताकि वे एक सकारात्मक राजनीति जारी रख सकें।
आप की वजह से हुई राघव चड्ढा की शादी!
चड्ढा द्वारा भाजपा में शामिल होने के कारणों को लेकर वीडियो जारी करने के कुछ ही घंटों बाद AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने भी वीडियो जारी कर उनके “टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट” वाले आरोपों का जवाब दिया।
सौरभ भारद्वाज ने अपने जवाब में कहा कि राघव चड्ढा को पार्टी छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी के खिलाफ “साजिश” रचने के लिए आलोचना झेलनी पड़ रही है। भारद्वाज ने कहा कि जिस पार्टी ने आपको सब कुछ दिया… आपकी शादी भी इसलिए हो पाई क्योंकि इसी पार्टी ने आपको राज्यसभा सांसद बनाया। ALSO READ: AAP vs Raghav Chadha : टॉक्सिक आरोप पर AAP का तंज शादी भी इसी पार्टी की वजह से हुई
गौरतलब है कि राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan ने राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के बीजेपी में विलय को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।