Trump Tariff : ट्रंप ने साइन किया नया आदेश, भारत पर लगेगा कितना टैरिफ?

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 (11:32 IST)
Trump Tariff on India : भारत पर अब सिर्फ 10 फीसदी अमेरिकी टैरिफ रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक नया वैश्विक टैरिफ आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के बाद भारत को अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत का शुल्क देना होगा। यह नया आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले रद्द किए गए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) पर आधारित शुल्कों की जगह लेगा। ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप नाराज, पूरी दुनिया पर 10% नया टैरिफ लगाने का ऐलान
 
ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत एक नया आदेश पर साइन किए, जो मौजूदा टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 10% शुल्क लगाएगा। यह टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू होगा। नए कानून के तहत अमेरिकी राष्‍ट्रपति को 45 दिनों तक 15 फीसदी तक टैक्स वसूलने का अधिकार है।
 
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि यह 10 प्रतिशत शुल्क उन IEEPA शुल्कों की जगह लेगा जिन्हें अभी-अभी रद्द किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनकी शक्ति को कम नहीं बल्कि और अधिक मजबूत बनाता।

ट्रंप ने भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल टैरिफ वसूली को सीमित करता है, लेकिन अन्य प्रकार के व्यापारिक प्रतिबंधों पर रोक नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि मैं और भी मजबूत फैसले लूंगा। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप को US Supreme Court का बड़ा झटका, टैरिफ को बताया गैरकानूनी, भारत पर क्या पड़ेगा सीधा असर?

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में, दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर पहुंचने के बाद ट्रंप ने भारत पर लगने वाले आपसी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। जब यह पूछा गया कि क्या नए 'वैश्विक टैरिफ' का मतलब है कि भारत की टैरिफ दर मौजूदा 18 प्रतिशत के बजाय अब 10 प्रतिशत होगी, तो व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, 'अस्थायी रूप से, हां। जब तक कि एक और टैरिफ अथॉरिटी को लागू नहीं किया जा सकता ताकि एक अधिक उपयुक्त टैरिफ दर लागू की जा सके।'

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रंप द्वारा 'नेशनल इमरजेंसी' (राष्ट्रीय आपातकाल) कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ (आयात शुल्क) को रद्द कर दिया है। 
 
मीडिया खबरों के मुताबिक IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ से अब तक 175 अरब डॉलर (करीब 14.5 लाख करोड़ रुपए) से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। कोर्ट द्वारा इन शुल्कों को अवैध घोषित किए जाने के बाद, ट्रंप प्रशासन को यह भारी-भरकम राशि रिफंड (वापस) करनी पड़ सकती है।
edited by : Nrapendra Gupta

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