Sheetala saptami kab hai: भारतीय संस्कृति में शीतला अष्टमी या 'बासौड़ा' का पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेहत और स्वच्छता का एक अनूठा संदेश है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाले इस त्यौहार पर चूल्हा न जलाने और बासी भोजन (ठंडा खाना) करने का विधान है। 09 मार्च को शीतला सप्तमी और 10 मार्च 2026 को शीतला अष्टमी रहेगी। आइए जानते हैं इस अनूठे 'कोल्ड फूड फेस्टिवल' के पीछे के मुख्य कारण।
शीतलता और सेहत का संगम
होली के बाद जब प्रकृति में गर्मी बढ़ने लगती है, तब हमारे शरीर को अंदरूनी ठंडक की जरूरत होती है। शीतला माता को चेचक और खसरा जैसे रोगों से बचाने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि उन्हें ठंडा और बासी भोजन (जैसे कढ़ी, बाजरा, गुड़ का चूरमा और दही) अर्पित करने से मां प्रसन्न होती हैं और परिवार को संक्रामक रोगों से दूर रखती हैं।