यही कारण है कि भाजपा इस खुले मैदान को अपनी जीत के तौर पर ले रही है। उसके द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि कश्मीर में निकाय चुऩाव में भाजपा नया इतिहास रच रही है। दरअसल पहले चरण में शामिल कश्मीर के 11 नगर निकायों और श्रीनगर नगर निगम के तीन वार्डों के लिए आठ अक्टूबर को मतदान से पहले ही उसके पांच प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। हालांकि अभी अधिकारिक घोषणा बाकी है।
यह पहला मौका है जब कश्मीर में निकाय चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी किसी जगह जीते हों और वह भी निर्विरोध। इस बीच, अनंतनाग नगर परिषद के चुनाव के लिए 36 प्रत्याशियों ने नामांकन जमा कराए हैं। इस जीत के पीछे की सच्चाई से भी रूबरू हो लीजिए। कश्मीर की राजनीति में दबदबा रखने वाले दोनों दल नेकां और पीडीपी चुनाव मैदान से बाहर हैं। सीपीआई ने भी चुनावों से अपने आपको दूर रखा हुआ है। ऐसे में हासिल की गई जीत को कश्मीर में इतिहास रचने का प्रचार कहां तक सही कहा जा सकता है फिलहाल राजनीतिक पंडित इस पर खामोश हैं।
नेकां तथा पीडीपी के मैदान में न उतरने के कारण भाजपा के पांच प्रत्याशियों के लिए कोई सामने नहीं आया। पांच वार्डों में इन प्रत्याशियों के विरोध में किसी ने भी पर्चा नहीं दाखिल किया। पहले चरण के नामांकन पत्रों की जांच का बुधवार को आखिरी दिन था। स्क्रूटनी के बाद इन वार्डों में भाजपा के प्रत्याशी अकेले दावेदार थे। अत: इनका जीतना तय है और मात्र औपचारिक घोषणा बाकी है।
देवसार म्युनिसपल कमेटी से सतीश कुमार जुत्शी, अच्छाबल म्युनिसपल कमेटी से उर्मिला बाली और रिशव बाली, कुलगाम म्युनिसपल कमेटी से ज्योति गोसानी और बबलू गोसानी शामिल हैं। कश्मीर में मुख्य रूप से निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ही मैदान में हैं, क्योंकि पीडीपी और नेकां पहले ही इन चुनावों के बहिष्कार का एलान कर चुके हैं। कांग्रेस की भी कश्मीर में अधिक पैठ नहीं है।
अनंतनाग में दूसरे चरण के तहत 10 अक्टूबर को मतदान होना है। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित होने वाले पांच में से तीन उम्मीदवार दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद का मजबूत किला कहलाने वाले कुलगाम और देवसर नगर निकाय से हैं, जबकि दो अन्य जिला अनंतनाग के अंतर्गत आने वाले अच्छाबल नगर समिति से।