नागपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चन्द्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे को चुनौती दी कि अगर वे वास्तव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिवंगत हिन्दुत्व विचारक वीडी सावरकर के 'अपमान' को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं तो महा विकास आघाड़ी (एमवीए) से अलग हो जाएं।
बावनकुले ने यहां संबोधित करते हुए कहा कि देश सावरकर के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने 2019 के मानहानि मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा 2 वर्ष की जेल की सजा सुनाए जाने के चलते लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने के बाद कहा था कि 'मेरा नाम सावरकर नहीं है। मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से भी माफी नहीं मांगते हैं।'
उन्होंने यह टिप्पणी 'मोदी उपनाम' टिप्पणी को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अपमान का आरोप लगाकर कांग्रेस नेता से माफी की मांग कर रही भाजपा के लिए की थी। इस पृष्ठभूमि में ठाकरे ने रविवार को महाराष्ट्र में एक रैली में कहा कि वे सावरकर को अपना 'आदर्श' मानते हैं और उन्होंने गांधी से उनका 'अपमान' करने से बचने को कहा था।
एमवीए 2019 के महाराष्ट्र चुनाव के बाद बना था, जो जून 2022 तक सत्ता में रहा, जब ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई। इसमें शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल है। बावनकुले ने कहा कि भाजपा 30 मार्च से 6 अप्रैल तक महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में 'वीर सावरकर गौरव यात्रा' निकालेगी। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना के 40 विधायक भी इसमें शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम सावरकर का इतिहास लेकर लोगों तक पहुंचेंगे और बताएंगे कि कैसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले द्वारा उनका अपमान किया जा रहा है। बावनकुले ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे उन पर हमला करने के लिए उनके उपनाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो ओबीसी समुदाय का अपमान करने के बराबर है।(भाषा)