सेक्स के लिए गुरुवार इसलिए अच्छा है...

शुक्रवार, 13 मई 2016 (14:23 IST)
लंदन। सेक्स को लेकर बहुत सारी मनगढ़ंत कहानियां प्रचलित हैं और आश्चर्य की बात है कि लोग इन बातों को पूरी गंभीरता से लेते हैं। इस तरह की गलतियां हम जीवन भर करते रहते हैं जब तक कोई विज्ञान सम्मत निष्कर्ष हमारे सामने नहीं आता है। कुछ समय पहले गा‍र्ज‍ियन की एक रिसर्च रिपोर्ट में यह बात सामने आई। 
सेक्स से जुड़ा एक ऐसा ही मिथ है कि सेक्स के लिए गुरुवार का दिन सबसे अच्‍छा होता है। सेक्स के बारे में कहा जाता है कि ऐसा करने से आपका ब्लड प्रेशर नीचे जाता है। वास्तव में, सेक्स करने से रक्त चाप बढ़ जाता है।
 
यह बढ़ता है और ऐसा थोड़ा समय के लिए होता है, लेकिन सेक्स करने वाले की उम्र अधिक हो तो उसे स्ट्रोक या हार्ट अटैक भी हो सकता है और कभी-कभी तो उत्तेजना में ऐसे लोगों की मौत तक हो जाती है।
 
सेक्स के बारे में कहा जाता है कि इससे मानसिक तनाव कम होता है या पूरी तरह से दूर हो जाता है। जैव मनोवैज्ञानिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि यौन क्रिया दैनिक क्रिया की तरह से सामान्य होनी चाहिए।
 
इस सर्वेक्षण के तहत ऐसे लोगों का ब्लड प्रेशर मापा गया था जो कि भाषण देते हैं या फिर जिनका पेशा अध्यापन जैसा होता है जिसमें अधिक बोलने की जरूरत होती है। सर्वे में पाया गया कि जो लोग नियमित तौर पर सेक्स करते हैं उन्होंने अपना काम बहुत अच्छी तरह और शांतिपूर्वक तरीके से पूरा किया।
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कहा जाता है कि एल्कोहल से महिला की सेक्स क्षमता बढ़ती है। थोड़े से अल्कोहल से महिलाओं में पुरुष सेक्स हारमोन टेस्टोस्टोरोन को बढ़ावा देती है और इसे उकसाती है। इससे महिलाओं की काम प्रवृत्ति को उत्तेजना मिलती है।
पत्रिका नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर भी इस बात को सत्य माना जाता है। कहा जाता है कि वीकेंड या गुरुवार को सेक्स के लिहाज से सबसे अच्छा दिन होता है। तनाव उत्पन्न करने वाला रसायन कोर्टीसॉल पूरे सप्ताह निकलता रहता है और इसी में सेक्स हार्मोन भी होते हैं,  लेकिन यह गुरुवार को अपने चरम पर होता है, इस गलत धारणा का कोई आधार नहीं है।
 
पुरुष केवल फंतासी रचते हैं और यह बात पूरी तरह गलत है। जिन महिलाओं के पुरुष साथी नहीं होते हैं, उनमें से 80 फीसदी महिलाएं भी सेक्स को लेकर फंतासी रचती हैं। हां, इस मामले में पुरुष इस लिहाज से आगे होते हैं क्योंकि 98 प्रतिशत पुरुष फंतासी में विचरण करते रहते हैं।
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लेकिन, यह बात सही है कि सेक्स से अक्ल बढ़ती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के एक शोध के अनुसार सेक्स करने से स्नायु तंत्रों को नई उर्जा और गति मिलती है। यह बात दिमाग के लिए बहुत लाभदायक होती है। 
दीर्घकालिक स्मृति के लिए भी यह लाभदायक होती है। जो सेक्स नहीं करते हैं वे लज्जा से भरपूर होते हैं और यह लाज उनके लिए बाधा ही साबित होती है। लेकिन अगर कहा जाता है कि सेक्स करने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है तो यह बात पूरी तरह से गलत है।
 
उदाहरण के लिए, ट्रेड मिल पर प्रति मिनट पुरुषों में 9.2 कैलरी खर्च होती है जबकि सेक्स के दौरान केवल 4.2 कैलरी ही खर्च होती है। इसी तरह से महिलाएं ट्रेड मिल पर प्रति मिनट 7.2 कैलरी जलाती हैं, लेकिन सेक्स में 3.1 कैलरी उर्जा ही खर्च होती है।  

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