- अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
* हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में 33 कोटि देवी-देवता निवास करते हैं। कोटि का अर्थ करोड़ नहीं, प्रकार होता है। इसका मतलब गाय में 33 प्रकार के देवता निवास करते हैं। ये देवता हैं- 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्विन कुमार। ये मिलकर कुल 33 होते हैं।
* पौराणिक मान्यताओं व श्रुतियों के अनुसार, गौएं साक्षात विष्णु रूप है, गौएं सर्व वेदमयी और वेद गौमय है। भगवान श्रीकृष्ण को सारा ज्ञानकोष गोचरण से ही प्राप्त हुआ।
* भगवान राम के पूर्वज महाराजा दिलीप नन्दिनी गाय की पूजा करते थे।
* गणेश भगवान का सिर कटने पर शिवजी कर एक गाय दान करने का दंड रखा गया था और वहीं पार्वती को देनी पड़ी।
* गरुढ़ पुराण अनुसार वैतरणी पार करने के लिए गोदान का महत्व बताया गया है।
* शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार कुछ पशु-पक्षी ऐसे हैं, जो आत्मा की विकास यात्रा के अंतिम पड़ाव पर होते हैं। उनमें से गाय भी एक है। इसके बाद उस आत्मा को मनुष्य योनि में आना ही होता है।