4. खालसा पंथ की स्थापना: गुरु गोविंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की। यह दिन बैसाखी के अवसर पर अनंदपुर साहिब में मनाया जाता है। गुरु जी ने खालसा पंथ के माध्यम से सिखों को एकजुट किया और उन्हें आत्म-रक्षा के लिए प्रशिक्षित किया। उन्होंने सिखों को पांच ककार- केश, कड़ा, कच्छा, कंगह और कृपाण अपनाने का आदेश दिया, जिससे सिखों की पहचान बनी और वे धर्म, साहस, और निडरता के प्रतीक बने।