रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने दिया भारत को छठा गोल्ड

शुक्रवार, 24 अगस्त 2018 (12:05 IST)
जकार्ता। एशियाई खेलों में छठवें दिन भारत का शानदार प्रदर्शन रहा। भारत ने टेनिस मेन्स डबल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अब तक छह स्वर्ण पदक अर्जित कर लिए हैं। रोहना बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने पुरुष डबल्स के फाइनल में कजाखस्तान के एलेक्सेंडर बुबलिक और डेनिस येअसेयेव को सीधे सेटों में 6-3, 6-4 से मात दी।

मैच में 20 मिनट के भीतर भारतीय टीम ने 4-1 से बढ़त बना ली थी। इसके बाद बढ़त 5-3 की हो गई और बोपन्ना की सर्विस पर भारत ने पहला सेट जीता।
 
कजाख खिलाड़ियों ने कई गलतियां की। दूसरी ओर बोपन्ना और शरण के बीच गजब का तालमेल देखने को मिला। बोपन्ना ने बेसलाइन से शानदार खेल दिखाया और अच्छे विनर लगाए।
 
दूसरे सेट में कजाख टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन सहज गलतियों पर काबू नहीं पा सके। उन्होंने पांचवें गेम में डबल फाल्ट भी किया जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
 
कजाख टीम के पास रफ्तार थी तो भारतीयों के पास अनुभव। एक समय स्कोर 3-3 था लेकिन बोपन्ना और शरण ने 5-3 की बढ़त बना ली। इसके बाद भारतीयों ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए सेट और मैच जीत लिया।
 
मौजूदा खेलों में टेनिस में यह भारत का पहला स्वर्ण है। इससे पहले सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह ने 2010 में ग्वांग्झू में पीला तमगा जीता था।...साकेत माइनेनी और सनम ने 2014 में रजत पदक जीता था।
 
महेश भूपति और लिएंडर पेस ने 2002 और 2006 खेलों में स्वर्ण अपने नाम किया था। पेस ने इस बार अपना पसंदीदा जोड़ीदार नहीं मिलने के कारण ऐन मौके पर खेलों से नाम वापिस ले लिया था। 

इससे पहले एशियाई खेलों में छठवें दिन भारतीय खिलाड़ी दुष्यंत ने पुरुषों के नौकायन लाइटवेट एकल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। दूसरी ओर रोहित कुमार और भगवान सिंह ने लाइटवेट डबल स्कल्स में कांस्य पदक जीता, जबकि भारत की रोइंग मेन्स टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ा था। (भाषा)
 

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