पूजा ढांडा ने ओलंपिक चैंपियन हेलेन को 7-6 से हराकर इतिहास रचा

कृपाशंकर बिश्नोई (अर्जुन अवॉर्डी) 
 
नई दिल्ली। प्रो रेसलिंग लीग सीजन 3 के आठवें दिन के चौथी बॉउट में पंजाब रॉयल्स की पूजा ढांडा ने विश्व और ओलंपिक चैंपियन हरियाणा हैमर्स की हेलेन मारूलिस को हराकर इतिहास रच दिया। यह मुकाबला काफी कड़ा और रोमांचक रहा।


पूजा ढांडा ने विश्व और ओलम्पिक चैंपियन हेलेन को पहले हॉफ में अंक बनाने का कोई मौका नहीं दिया और 6-0 की बढ़त बना ली। दूसरे हॉफ की शुरुआत में भी पूजा ने हेलेन पर अटैक किया और चित्त करने के बाद मैट से बाहर करते हुए स्कोर को 7-0 कर लिया।

हालांकि इसके बाद हेलेन ने अंक जुटाने के लिए पूरे जोर लगाए और बार-बार पूजा की लेग होल्ड करने की कोशिश की लेकिन पूजा ने लगातार डिफेंस कर के इन अटैक्स को नाकाम कर दिया। हेलेन ने हालांकि दूसरे हॉफ में 6 अंक बनाए लेकिन वह मुकाबले को जीतने में नाकाम रहीं। पूजा ढांडा ने ओलंपिक और विश्व चैंपियन को 7-6 से हराकर इतिहास रच दिया।

यह वही पूजा है जिसने आमिर की फिल्म 'दंगल' के प्रस्ताव को किया था अस्वीकार : खेल से जुड़े पहलवान महावीर फोगाट की जीवनी पर आधारित नीतेश तिवारी की फिल्म में कलाकारों के चयन प्रक्रिया के दौरान लगभग 200 महिला पहलवानों के ऑडिशन पूरे देश से लिए गए थे। इनमे से सिर्फ 3 महिला पहलवान सरिता मोर, शिल्पी शेरोन और पूजा ढांढा अंतिम चरण तक पहुचे में कामयाब हुई थीं।

फाइनल ऑडिशन हेतु तीनों महिला पहलवानों को 'दंगल' कास्टिंग निदेशक मुकेश छाबड़ा द्वारा मुंबई में आमंत्रित किया गया था। कास्टिंग विभाग ने ऑडिशन के दौरन पूजा ढांढा को अभिनय और हरियाणावी बोलने के अंदाज में सर्वश्रेष्ठ पाया। जहां पूजा ढांढा को बबीता की भूमिका के लिए चुना गया था, लेकिन इस महिला पहलवान ने यह ऑफर ठुकरा दिया।

जानिए क्या थी वजह : प्रो रेसलिंग के लिए पंजाब रॉयल्स टीम की मेंबर पूजा ढांढा ने बताया कि फिल्म में उन्हें भी गीता की बहन बबीता का रोल निभाने का ऑफर मिला था, लेकिन उस दौरान पूरी तरह फिट नहीं होने की वजह से उन्होंने मना कर दिया।

उन्होंने बताया कि मुझे वर्ष 2015 में लखनऊ ट्रेनिंग के दौरान मेरे पैर (घुटने) में चोट लगी थी जिस वजह से मुझे काफी समय कुश्ती से बाहर रहना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी और करीब 2 साल बाद प्रो लीग से रिंग में वापसी की।

इसलिए हुआ महिला पहलवानों का ऑडिशन : आमिर जानते थे कि आमतौर पर स्पोर्ट्स फिल्में, खेल दिखाए जाने वाले दृश्यों में मार खा जाती हैं। नकलीपन हावी हो जाता है और वे जानते थे कि एक अभिनेत्री के लिए कुश्ती करना कितना मुश्किल है।

कुश्ती एक ऐसा खेल है, जिसमें किसी शस्त्र का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और इसमें चोट लगना लाजमी है, साथ ही कुश्ती के सीन करना, एक पहलवान की तरह अभिनय करना और उसके लिए रोज कुश्ती अभ्यास करना अभिनेत्रियों के लिए काफी मुश्किल था। इसी को देखते हुए प्रोफेशनल महिला पहलवानों के ऑडिशन लिए गए ताकि हम गीता-बबीता के किरदार हेतु महिला पहलवानों में से ही चुने।

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