अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ 2 दिन बाद वियना में होने वाली बैठक में फैसला लेगा कि रूसी एथलीटों को रियो दि जेनेरियो ओलंपिक में भाग लेने की अनुमति देनी है या नहीं। वाडा की इस ताजा रिपोर्ट से हालांकि देश में खेलों में पैठ बना चुके डोपिंग के चलन को खत्म करने के प्रयास करने के रूस के दावों पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
वाडा की रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 फरवरी से 29 मई तक 736 से अधिक टेस्ट विभिन्न कारणों से रद्द करने पड़े। अधिकारियों ने कहा कि सैन्य शहरों में डोप टेस्ट करने के उनके प्रयास नाकाम रहे, क्योंकि उन्हें देश से बाहर निकालने की धमकियां भी दी गईं।