अमेरिकी तैराकी कोचों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला

गुरुवार, 11 जून 2020 (16:02 IST)
न्यूयार्क। अमेरिका में छह महिलाओं ने अमेरिकी तैराकी संघ, कैलिफोर्निया में उसके स्थानीय संघ तथा अब प्रतिबंधित तीन कोचों के खिलाफ दीवानी मुकदमा दर्ज किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय तैराकी संघ उन्हें इन कोचों के उत्पीड़न से बचाने में नाकाम रहा। 
 
डेब्रा ग्रोडेन्स्की, सुजेट मोरान और ट्रेसी पालमेरो तथा तीन अन्य अज्ञात महिलाओं ने इस महीने तीन मुकदमे दायर किए हैं। इनमें जिन कोचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अमेरिका के पूर्व ओलंपिक और राष्ट्रीय टीम के कोच मिच आइवे, पूर्व राष्ट्रीय टीम निदेशक इवरेट उचियामा और पूर्व कोच एंड्रयू किंग शामिल हैं।
 
इसमें कहा गया है अमेरिकी तैराकी संघ, उसके पूर्व निदेशक चुक वील्गस और अन्य शीर्ष अधिकारी, स्थानीय संघ और क्लब इावे, उचियामा और किंग के गलत व्यवहार से वाकिफ थे लेकिन उन्होंने इसके समाधान की कोशिश नहीं की। इससे गलत माहौल तैयार हुआ जिससे कम उम्र के तैराकों के यौन शोषण और उत्पीड़न के मामले सामने आए। 
 
ग्रोडेन्सकी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस में कहा, ‘मेरे साथ यौन उत्पीड़न को शत प्रतिशत रोका जा सकता था।’ उन्होंने कहा कि किंग ने 11 से 16 उम्र के बीच उनका यौन उत्पीड़न किया। तब वह 1980 के दशक के शुरू में डेनविले कैलिफोर्निया में तैराक थी। वह अब 51 साल की हैं और न्यूयार्क में रहती हैं। उन्होंने कहा कि इसके कारण वह कई वर्षों तक अवसाद में रही। 
 
किंग को 2010 में 20 बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप में 40 साल की सजा सुनाई गई थी। मोरान ने कहा कि आइवे ने 12 साल की उम्र से ही उनका यौन शोषण किया जिससे वह 17 साल की उम्र में गर्भवती हो गई। मोरान ने कहा कि आइवे ने उसे 1984 ओलंपिक ट्रायल्स से कई महीने पहले गर्भपात करवाने के लिए कहा था। (भाषा)

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