राज्य में मतदाताओं में सुबह से ही मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। नेताओं और अभिनेताओं के साथ ही महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 85.76 फीसदी महिलाओं और 83.57 फीसदी पुरुषों ने वोटिंग की। करूर जिले में सबसे ज्यादा 91.86 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले जबकि चेन्नई में 83.09 फीसदी वोटिंग हुई। राज्य में इस बार करीब 12 फीसदी वोटिंग ज्यादा हुई है। इसकी एक वजह SIR भी मानी जा रही है। इसके माध्यम से करीब 74 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे।
इस चुनाव में थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की एंट्री ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि युवाओं में विजय की लोकप्रियता ने नए वोटर्स को बूथों तक खींचने का काम किया है। तमिलनाडु की राजनीति में महिलाएं हमेशा से गेमचेंजर रही हैं। महिलाओं के मतदान प्रतिशत से भी राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। बहरहाल बंपर मतदान के बाद सभी की नजरें 4 मई को आने वाले परिणामों पर सभी की नजरें हैं।