AC buying guide: इस बार भारत में सर्दियों बहुत कम समय के लिए पड़ीं और फरवरी के महीने में ही गर्मी लगने लगी है। गर्मी की आहट होती है बाजार में AC की डिमांड बढ़ जाती है। घर हो या ऑफिस गर्मियों में हर जगह AC की जरूरत पड़ती है। जब आप AC खरीदने जाते हैं तो शो रूम पर सबसे पहले आपसे पूछा जाता है कि आपको किस स्पेस के लिए AC खरीदना है या आप कितने टन का AC लेना चाहते हैं। ज्यादातर लोगों को एसी में टन का मतलब ही नहीं पता होता है। कुछ लोगों को लगता है कि एसी के वजन से इसका कनेक्शन होता है। लेकिन, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आइए आज आपको बताते हैं एसी में टन का क्या मतलब होता है।
क्या होता है टन?
ये सच है कि टन का इस्तेमाल वजन नापने के लिए किया जाता है। 1000 ग्राम में 1 किलोग्राम होता है, वहीं 100 किलोग्राम में 1 क्विंटल होता है। और 9 क्विंटल से 1 टन बनता है। जिस तरह से वजन नापने के लिए भारतीय मानक किलोग्राम है, उसी तरह से टन को विदेशी मानक माना जाता है।
एसी में टन का मतलब
एयर कंडीशनर यानी एसी में टन का मतलब वजन से नहीं होता है। एसी में टन का सीधा-सीधा संबंध कूलिंग कैपेसिटी से होता है। जी हां, एयर कंडीशनर में टन यह बताता है कि वह एक घंटे में कितने बड़े रूम को ठंडा कर सकता है।
एसी हीट को रिमूव करने और कमरे को ठंडा करने का काम करता है। हीट को BTU (ब्रिटिश थर्मल यूनिट) से नापा जाता है। ऐसे में 1 टन का एसी एक घंटे में कमरे से 12000 BTU यानी हीट को रिमूव कर सकता है। वहीं अगर आप 1.5 टन का एसी लेते हैं, तो वह 18000 BTU हीट हटा सकता है और 2 टन का एसी 24000 BTU हीट हटाने की क्षमता रखता है।
आपके लिए कितने टन का AC हो सकता है फायदेमंद?
अगर आप नए सीजन में एयर कंडीशनर लेने के बारे में सोच रही हैं, तो पहले अपनी जरूरत समझ लें और उसी हिसाब से एसी लें। एसी की कूलिंग कमरे के साइज पर भी बेस्ड होती है। एक अनुमान के अनुसार 100 स्क्वायर फीट के कमरे के लिए 1 टन का एसी काफी होता है। वहीं, अगर आपका कमरा 100 से ज्यादा और 200 स्क्वायर फीट से कम होता है तो 1.5 टन का एसी काफी हो सकता है। वहीं, 200 स्क्वायर फीट से ज्यादा जगह के लिए 2 टन से 3 टन का एसी लेना फायदेमंद हो सकता है।