मई 2025 से शुरू हुई इस योजना में अब तक 80 लाख से ज्यादा ई-पासपोर्ट बनवाए जा चुके हैं। औसतन 50 हजार पासपोर्ट रोजाना जारी किए जा रहे हैं। ई-पासपोर्ट जारी करने में लगनेवाले समय को भी 45 मिनट से घटाते हुए 30 मिनट पर लाया गया है। कहा जा रहा है कि मौजूदा पासपोर्ट के एक्सपायर होने से 8 महीने पहले धारकों को एसएमएस के जरिये अलर्ट किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जून 2035 ई-पासपोर्ट को पूरी तरह लागू कर दिया जाए।
नया पासपोर्ट अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर से लैस है। आरएफआईडी चिप वाले इस पासपोर्ट में धारक का बायोमेट्रिक डाटा एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत रहता है। इस डाटा में फोटो, फिंगरप्रिंट को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) के मानकों के मुताबिक डिजिटल हस्ताक्षरित प्रारूप में सुरक्षित रूप से संग्रहीत रखा जाएगा। ई-पासपोर्ट से इमिग्रेशन काउंटरों पर सत्यापन में लगनेवाले समय में भारी कमी आएगी।
इस प्रणाली को आधार, पैन और डिजीलॉकर से भी जोड़ा गया है। इसमें पासपोर्ट धारक का डाटा सात परतों में सुरक्षित किया जाता है। पासपोर्ट धारक का डाटा नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु में स्थित डाटा सेंटरों में बंटा रहता है।