- जापानी, कोरियन और सिंगापुर सिटी, निवेश से आगे टेक्नोलॉजी और वर्क कल्चर का ट्रांसफर
- फिल्म सिटी से फिनटेक सिटी तक, क्रिएटिव और डिजिटल इकोनॉमी का संगम
Uttar Pradesh News : यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा विकसित और प्रस्तावित औद्योगिक सिटीज का स्वरूप अब पारंपरिक औद्योगिक प्लॉटिंग से आगे बढ़कर एक संगठित सेक्टर आधारित आर्थिक ढांचे के रूप में सामने आ रहा है। योगी सरकार में मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, टॉय सिटी और अपैरल पार्क जैसे स्थापित प्रोजेक्ट्स के साथ फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी और विदेशी साझेदारी पर आधारित थीम सिटीज मिलकर यमुना एक्सप्रेस-वे को बहु क्षेत्रीय औद्योगिक कॉरिडोर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
1000 एकड़ में प्रस्तावित फिल्म सिटी
सेक्टर-21 में लगभग 1000 एकड़ में प्रस्तावित फिल्म सिटी को केवल मनोरंजन परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसे मीडिया, कंटेंट प्रोडक्शन, पोस्ट प्रोडक्शन और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके समानांतर सेक्टर-11 में 500 एकड़ में प्रस्तावित फिनटेक सिटी मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का प्रयास करेगी। इससे औद्योगिक इकाइयों को भुगतान, निवेश और वैश्विक लेनदेन के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की रणनीति सामने आ रही है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के आसपास विकसित हो रही इन औद्योगिक सिटीज का प्रभाव केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। भूमि उपयोग, आवासीय टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट संस्थान और सहायक सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य बदलने की संभावना जताई जा रही है।
Edited By : Chetan Gour