- मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी से बढ़ा टेक इकोसिस्टम
- 400 से अधिक एसटीपीआई यूनिट्स और 100 इन्क्यूबेटर का लक्ष्य
- एआई प्रज्ञा प्रोग्राम से 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग का लक्ष्य
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्किलिंग को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। स्टार्टअप नीति और एआई प्रज्ञा प्रोग्राम के माध्यम से प्रदेश में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तैयारी जारी है। सरकार का लक्ष्य है कि एआई और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में लगभग 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। स्टार्टअप नीति, एआई स्किलिंग और तकनीकी निवेश के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, नोएडा और वाराणसी जैसे शहरों में स्टार्टअप गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को भी नई दिशा मिल रही है और युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
रोजगार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही
उत्तर प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र भी तेजी से विस्तार कर रहा है। देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 65 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रदेश एक बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इससे स्टार्टअप और एमएसएमई क्षेत्र को भी नई ऊर्जा मिल रही है। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से जुड़ी सप्लाई चेन में कई छोटे और मध्यम उद्योगों को नए अवसर मिल रहे हैं, जिससे रोजगार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
आईटी और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते निवेश का असर निर्यात पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश से आईटी-आईटीईएस क्षेत्र का निर्यात लगातार बढ़ता जा रहा है, जो वर्तमान में 44 हजार करोड़ रुपए से अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल और तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
Edited By : Chetan Gour