Fact Check: क्या भगवान राम का विरोध कर रहे हैं प्रदर्शनकारी किसान? जानिए वायरल फोटो का पूरा सच

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020 (12:50 IST)
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन आज 9वें दिन भी जारी है। कल कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इस बीच सोशल मीडिया पर एक बैनर की फोटो जमकर वायरल हो रही है, जिसपर लिखा है- ‘न मोदी, न योगी, न जय श्रीराम, देश पर राज करेगा मजदूर किसान’। इस बैनर को मौजूदा किसान आंदोलन का बताकर शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल-

फोटो शेयर करते हुए यूजर लिख रहे हैं- ‘मोदी, योगी तो ठीक है पर श्री राम जी का विरोधी मजदूर और किसान भारत का तो हो नहीं सकता।’

मोदी, योगी तो ठीक है पर राम का विरोधी मजदूर और किसान भारत का तो हो नहीं सकता। pic.twitter.com/jk3ERWnz9N

— Gaurav Pradhan (@OfficeOfDGP) December 1, 2020


इसी तरह के पोस्ट अन्य ट्विटर यूजर्स भी कर रहे हैं।

ये कैसा आंदोलन हैं मोदी योगी का विरोध तो समझ आता है मगर हमारे आराध्य प्रभु श्री राम जी का विरोध क्यों..

ये किसान आंदोलन तो नहीं हो सकता ये हिन्दू विरोधी देश विरोधी आंदोलन हैं..@RealPriya0 @priyasanatni pic.twitter.com/oHgyBZW6T7

— प्रिया सनातनी जय श्री राधे कृष्णा (@RealPriya0) December 2, 2020


क्या है सच-

वायरल फोटो को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें 2 साल पुरानी एक फेसबुक पोस्ट में यही फोटो मिली। फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया है- ‘किसान आंदोलन अपने चरम पर, किसानों की माँग जायज है और सबको मानना होगा नही तो ये आंदोलन दिल्ली से भी आगे जा सकता है।’ इस पोस्ट से पता चलता है कि वायरल फोटो इंटरनेट पर साल 2018 से ही मौजूद है इसलिए यह मौजूदा किसान आंदोलन की नहीं हो सकती।



पड़ताल जारी रखते हुए हमने कीवर्ड्स की मदद से इंटरनेट पर सर्च किया तो हमें क्विंट का 2018 का एक ट्वीट मिला जिसमें उस वक्त के किसान आंदोलन की कुछ तस्वीरें पोस्ट की गई थी। उसी में अभी वायरल हो रहे बैनर की एक फोटो भी मिली।

Farmers reach Jantar Mantar to carry forward the second day of protests.

Catch all the updates from the #FarmersMarch here: https://t.co/GWQGcVJKOy pic.twitter.com/irheK2nI5X

— BloombergQuint (@BloombergQuint) November 30, 2018


बताते चलें कि नवंबर 2018 में देश भर के किसानों ने दिल्ली में एमएसपी, डेब्ट रिलीफ से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन का CPI(M) के अलावा कांग्रेस और आप ने भी समर्थन किया था।

वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा बैनर वर्तमान में चल रहे किसान आंदोलन का नहीं है।

वेबदुनिया पर पढ़ें

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