भारत का सपना तोड़कर ऑस्ट्रेलिया विश्व कप के फाइनल में

गुरुवार, 26 मार्च 2015 (19:51 IST)
सिडनी। भारतीय टीम का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना तोड़कर ऑस्ट्रेलिया ने आज यहां दूसरे सेमीफाइनल में उसे 95 रन से करारी शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना सह-मेजबान न्यूजीलैंड से 29 मार्च होगा।
स्टीवन स्मिथ के शतकीय प्रहार की मदद से चार बार के चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 328 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 46.5 ओवर में 233 रन पर ढेर हो गई। अब तक फार्म में चल रहे भारतीय गेंदबाजों का सिक्का इस मैच में नहीं चला। 
 
इस टूर्नामेंट में पहली बार भारतीय गेंदबाज विरोधी टीम के पूरे दस विकेट नहीं चटका सके और काफी महंगे साबित हुए। वहीं बल्लेबाजी में विराट कोहली एंड कंपनी ने भी निराश किया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आखिर में 65 गेंद पर 65 रन बनाकर अकेले किला लड़ाने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
 
विश्व कप सेमीफाइनल में 300 से अधिक का स्कोर बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया पहली टीम बनी और यह भी दूसरी बार होगा कि कोई मेजबान देश खिताब जीतेगा। इससे पहले भारत ने 2011 में अपनी मेजबानी में हुए विश्व कप में खिताबी जीत दर्ज की थी।
 
ऑस्ट्रेलिया के लिए स्मिथ ने सिर्फ 93 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों के साथ 105 रन बनाए। आरोन फिंच ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए 111 गेंद में 81 रन बनाए जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने स्मिथ के साथ दूसरे विकेट के लिए 31 ओवरों में 182 रन जोड़े।
    
बाद में मिशेल जॉनसन ने सिर्फ नौ गेंद में चार चौकों और एक छक्के के साथ 27 रन बनाकर टीम को 320 के पार पहुंचाया। 
 
भारतीय तेज गेंदबाज पहली बार काफी महंगे साबित हुए। उमेश यादव ने नौ ओवर में चार विकेट लिए लेकिन 72 रन दे डाले। मोहम्मद शमी ने दस ओवर में 68 रन दिए और उन्हें विकेट नहीं मिली जबकि मोहित शर्मा ने 10 ओवर में 75 रन देकर दो विकेट चटकाए।
 
आर. अश्विन ने 10 ओवर में 42 रन दिए और ग्लेन मैक्सवेल का कीमती विकेट लिया। इसी विकेट के चलते भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 350 के करीब पहुंचने से रोक दिया।
 
ऑस्ट्रेलियाई पारी का आकर्षण स्मिथ की बल्लेबाजी रही। उन्होंने 10वें ओवर में उमेश यादव को चार चौके जड़े। उमेश ने पांच ओवरों के पहले स्पैल में 39 रन दे डाले। पहला चौका स्मिथ ने कवर ड्राइव के जरिए लगाया, जबकि बाकी तीन चौके पुल शॉट पर लगे।
 
एससीजी पर भारतीय समर्थक इतनी तादाद में थे कि पूरा मैदान नीले सागर में डूबा नजर आ रहा था। इनमें ऑस्ट्रेलियाई दर्शक स्मिथ के शाट्स पर ‘कम ऑन ऑसी कम ऑन’ गाते सुनाई दे रहे थे तो भारतीय प्रशंसक ‘जीतेगा भई जीतेगा’ के नारे लगा रहे थे।
 
वार्नर के जल्दी आउट होने के बाद फिंच और स्मिथ ने मिलकर ऑस्ट्रेलियाई पारी को आगे बढ़ाया। फिंच ने सिंगल्स लिए तो स्मिथ ने ढीली गेंदों को नसीहत दी। स्मिथ के जाने के बाद मैक्सवेल ने शानदार शुरुआत की लेकिन अश्विन की चतुराई भरी गेंद पर वह डीप स्क्वेयर लेग सीमा पर कैच देकर आउट हो गए।
 
ऑस्ट्रेलिया दो विकेट पर 233 रन से पांच विकेट पर 248 रन पर पहुंच गया। शेन वॉटसन (28) और जेम्स फाकनेर (21) ने 4.2 ओवर में 36 रन जोड़े। भारत ने आखिरी दस ओवर में 87 रन दिए।
 
जीत के लिए विशाल लक्ष्य के जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी रही। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 76 रन जोड़े। धवन का विकेट अहम रहा, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने दबाव बना दिया। हेजलवुड ने फार्म में चल रहे धवन को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। उसके बाद से भारतीय टीम मैच में वापसी नहीं कर सकी।
 
ऑस्ट्रेलिया के लिए मिशेल जॉनसन और मिशेल स्टार्क ने दो-दो विकेट लिए जबकि जोश हेजलवुड को एक विकेट मिला। विराट कोहली ने पहली 12 गेंद में सिर्फ एक रन बनाया और 13वीं गेंद पर वह आउट हो गए। 
 
जॉनसन की उछाल लेती गेंद पर उन्होंने ब्राड हैडिन को कैच थमाया। रोहित शर्मा (34) ने अच्छी शुरुआत की लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। सुरेश रैना (7) ने भी विकेट के पीछे कैच थमाया। धोनी और अजिंक्य रहाणे (44) ने 70 रन की साझेदारी करके ऑस्ट्रेलिया का इंतजार लंबा कराया। 
 
रहाणे को पैवेलियन भेजने में स्मिथ की चतुराई का योगदान रहा। स्टार्क की गेंद पर रहाणे चकमा खा गए और गेंदबाज अपने रन अप की ओर बढ़ रहा था कि स्मिथ भागकर क्लार्क के पास गए और डीआरएस लेने को कहा।
 
तीसरे अंपायर ने रहाणे को आउट करार दिया। इसके बाद से भारत की हार दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ हो गई थी। यह पिछले 28 साल में पहली बार है जबकि कोई एशियाई टीम फाइनल में नहीं होगी। ऑस्ट्रेलिया ने अपना सेमीफाइनल में जीत का शत प्रतिशत रिकॉर्ड बरकरार रखा है। (भाषा)

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