1. इस राशि में रहेंगे शनि : शनि देव हर ढाई साल के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं। ऐसे में साल 2021 में शनिदेव का कोई भी राशि परिवर्तन नहीं होगा। क्योंकि शनिदेव वर्ष 2020 में अगले ढाई वर्षों के लिए धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में मौजूद हैं। जहां पर ये 29 अप्रैल साल 2022 तक रहेंगे। यही कारण है कि वर्ष 2021 में धनु, मकर और कुंभ राशि पर साल 2021 में शनि की साढ़ेसाती (Shani Sade Sati) या ढैय्या (Dhaiya) रहेगी।
2. शनि का असर : कहते हैं कि शनि की साढ़ेसाती के पहले चरण में शनि जातक की आर्थिक स्थिति पर, दूसरे चरण में पारिवारिक जीवन और तीसरे चरण में सेहत पर सबसे ज्यादा असर डालता है। ढाई-ढाई साल के इन 3 चरणों में से दूसरा चरण सबसे भारी पड़ता है।
3. मकर राशि पर असर : शनि पिछले वर्ष से ही मकर राशि ( Capricorn ) में गोचर कर रहे हैं। इस राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों को बहुत ही सावधानी और सतर्कता से रहना होगा। क्योंकि शनि के प्रकोप के कारण धन-संपत्ति, परिवार से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती है। किसी के द्वारा धोखा मिल सकता है या आपके सारे कार्य असफल हो सकते हैं। मतलब किये कराए पर पानी फिर सकता है।
2. जिन लोगों की कुंडली में शनि अच्छी स्थिति में नहीं है उन्हें अपने कर्मों पर ध्यान देना होगा। किसी भी तरह के अनैतिक और गलत कार्य से बचना होगा। यदि कर्म अच्छे हैं तो डरने की जरूरत नहीं है। यानी कि इस दौरान मकर राशि के जातकों को उनकी कुंडली में शनि की स्थिति और अपने कर्मों के आधार पर शनि का असर झेलना होगा।
3. ब्याज का धंधा करना, शराब पीना, पराई स्त्री के बारे में गलत सोचना, अंधे, गरीब और सफाईकर्मी का अपमान करना, गाली बकना, धर्म का अपमान करना और गृहकलह करना आपको भारी पड़ सकता है।