ज्योतिष के अनुसार ये 9 आदतें नहीं होना चाहिए, वर्ना होगा नुकसान

अनिरुद्ध जोशी

बुधवार, 22 अप्रैल 2020 (16:17 IST)
वैसे अच्छी आदतें तो कई तरह की होती हैं। सभी आदतों को अपनाना चाहिए जो कि हमारे जीवन को सुरक्षित और सुंदर बनाती है। बुरी आदतें हमारे जीवन को भी बुरा बना देती है। आओ जानते हैं कि ज्योतिष के अनुसार कौनसी 9 आदतें बुरी होती हैं।
 
 
1. कहीं भी थूकना नहीं चाहिए : यदि आपमें कभी भी थूकते रहने की आदत है तो आप यह मान लें कि आपका यश, सम्मान और आपकी प्रतिष्ठा ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। यश गया तो धन भी गया समझो। इस आदत से बुध और सूर्य खराब प्रभाव देना प्रारंभ कर देते हैं।

 
2. जूठी थाली : कई लोग हैं जिनकी थाली में ही हाथ धोने और जूठी थाली को वहीं छोड़कर उठ जाने की आदत होती है। यह शास्त्र विरुद्ध कर्म है। ऐसे लोगों को जीवन में सफलता के लिए संघर्ष करना होता है और उनके घरों में बरकत भी नहीं रहती है। इससे मानसिक अशांति भी बढ़ती है। इस आदत से चंद्र और शनि खराब हो जाते हैं।

 
3. मेहमान को पानी नहीं पिलाना : कई लोग ऐसे हैं जो अपने घर आए मेहमान से पानी तक का नहीं पूछते हैं। मेहमान हो या कोई काम करने वाला उससे स्वच्छ पानी जरूर पिलाना चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो राहु सक्रिय होकर बुरे प्रभाव देना प्रारंभ कर देगा। इससे घर में अचानक कोई संकट आन खड़ा होता है।

 
4. पौधों की देखभाल नहीं करना : कई लोगों की आदत होती है कि वे अपने घर या आंगन में पौधे तो लगा देते हैं लेकिन उनकी उचित देखभाल नहीं करते हैं। घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की आवश्यकता होती है। पौधों को सुबह, शाम उचित मात्रा में पानी दिया जाता है तो इससे सूर्य, बुध और चंद्र संबंधी परेशानियां हट जाती हैं। तनाव मुक्त जीवन प्राप्त होता है।
 
 
5 चप्पल को नहीं जमाते सलिके से : कई लोग है जो घर में आते ही चप्पल या जुतों को ऐसे उतारते हैं जैसे कोई कचरा फेंक रहे हों। कई लोग अपने चप्पल, जूते, मोजे को काम होने के बाद इधर-उधर फेंक देते हैं। ऐसे लोगों का शनि खराब हो जाता है और उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करने लगते हैं। उनकी प्रतिष्ठा भी चली जाती है। चप्पल, जुते या मोजों को उचित तरीके से उतार कर करीने से लगाकर रखना चाहिए।

 
6. फैला बिखरा बिस्तर : कई घरों में बिस्तर छोड़ने के बाद वह बहुत समय तक वैसा ही फैला हुआ रहता है। कई घरों में तो उसे ठीक ही नहीं किया जाता और पुन: रात में उस पर सो जाते हैं। बिस्तरों पर गंदगी और सिलवटें बनी रहती है। तकिया कहीं, कंबल कहीं, चादर कहीं और पड़े रहते हैं। 
उस पर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपड़े तक फैला कर रखते हैं। ऐसे लोगों का राहु और शनि खराब हो जाता है।

 
7. पैरों की गंदगी : हमारे अंगों में पैरों को सबसे ज्यादा कार्य करना होता है। वे कर्मठ होते हैं, लेकिन अधिकतर लोग अपने पौरों की सफाई और उनकी सेहत का जरा भी ध्यान नहीं रखते। नहाते वक्त लोग चेहरा बहुत रगड़ते हैं, लेकिन हाथ पैर को तो ऐसे ही निपटा देते हैं। जबकि नहाते समय या जब भी बहार से आएं तो पैरों की अच्छे से सफाई करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो केतु की खराबी उत्पन्न होगी। गंभीर रोग घर कर जाएगा, चिड़चिड़ापन बढ़ जाएगा और दिमाग की खराबी होगी।

 
8. खाली हाथ घर लौटने की आदत : कभी कभार चल जाता है लेकिन कई लोग तो रोज ही ऑफिस से खाली हाथ घर लौट आते हैं। मां, बहन, पत्नी या बच्चों के लिए या घर के लिए कुछ न कुछ जरूर लाना चाहिए। इससे घर के लोगों के मन भी प्रसन्न रहते हैं और घर में बरकत भी बनी रहती है। ऐसे घर में लक्ष्मी का वास रहता है। घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती रहती है। ऐसा नहीं करते हैं तो शुक्र और गुरु का शुभ असर नहीं मिलता है।

 
9. जूठन छोड़ने की आदत : कई लोगों की आदत होती है कि थाली में कुछ न कुछ छोड़ ही देते हैं। इससे घर में धन की कमी होने लगती है। इससे सभी ग्रहों के खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है। थाली में उतना ही भोजन लें जितना की आप खा सके हों।

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