What is Bhairavi Dak: ओड़िशा की "भैरवी डाक" (या भैरवी डांक) का संबंध मुख्य रूप से ओड़िशा की 'मालिका' परंपरा और भविष्यवाणियों से है। ओड़िशा के प्रसिद्ध संत अच्युतानंद दास द्वारा लिखित 'मालिका' (भविष्यवाणी की पुस्तकें) में "भैरवी डाक" का उल्लेख मिलता है। इसका अर्थ है "देवी भैरवी की पुकार" या गर्जना। मान्यताओं के अनुसार, जब कलियुग का अंत निकट होगा, तब देवी भैरवी की भयानक गर्जना सुनाई देगी और फिर विनाश प्रारंभ होगा।