Holashtak 2026: 24 फरवरी से प्रारंभ होंगे 'होलाष्टक', शुभ कार्य रहेंगे वर्जित

पं. हेमन्त रिछारिया

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 (16:07 IST)
Holashtak in astrology: शास्त्रीय मार्गदर्शन अनुसार इस वर्ष होलिका-दहन दिनांक 02 मार्च 2026 को रात्रि 11 बजे से 12:30 के मध्य किया जाएगा क्योंकि इस अवधि में भद्रा के मुख की पांच घटियां अर्थात् 02 घण्टे व्यतीत हो चुके होंगे जो कि भद्रा का शास्त्रसम्मत परिहार है, वहीं दूसरा परिहार यह कि 02 मार्च को पूर्वार्द्ध की भद्रा है जो केवल दिन में त्याज्य होती है, रात्रि में नहीं एवं 02 मार्च को पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ सायंकाल 05 बजकर 58 मिनट से हो जाएगा।ALSO READ: होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया, कब मनाएं होली और धुलंडी?
 
अत: पूर्णिमा तिथि, पूर्वार्द्ध की भद्रा की पांच घटियां व्यतीत होना और ग्रहण का सूतक लगने से पूर्व का समय होने के कारण दिनांक 02 मार्च 2026 को रात्रि 11 बजे से 12 बजकर 30 के मध्य होलिका-दहन किया जाना सर्वाधिक शुद्ध एवं शास्त्रसम्मत रहेगा, इसलिए 'होलाष्टक' का प्रारंभ दिनांक 24 फरवरी 2026, दिन मंगलवार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होगा। 
 
कुछ पंचांग में 'होलाष्टक' का प्रारंभ 23 फरवरी दिन सोमवार, सप्तमी तिथि से प्रारंभ होने का उल्लेख है जो कि शास्त्रसम्मत नहीं है क्योंकि इस माह सप्तमी तिथि क्षय है। भले ही चन्द्रग्रहण और भद्रा के कारण होलिका दहन 02 फरवरी 2026 को किया जाना है किन्तु पूर्णिमा तिथि 03 फरवरी 2026 को होने से 'होलाष्टक' का प्रारंभ दिनांक 24 फरवरी 2026 से प्रारंभ होना ही शास्त्रसम्मत है।ALSO READ: Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?
 
फगुआ उत्सव दिनांक 04 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
 

'होलाष्टक' में रहेंगे समस्त शुभकार्य वर्जित-

 
हमारे सनातध धर्म में प्रत्येक शुभकार्य के लिए शुद्ध व शास्त्रसम्मत मुहूर्त का होना अनिवार्य होता है। शुद्ध एवं सही मुहूर्त के अभाव में शुभ एवं मांगलिक कार्यों का किया जाना वर्जित हैं। शास्त्रानुसार 'होलाष्टक' की अवधि में समस्त शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन, सगाई, गृहप्रवेश, गृहारम्भ, व्रत-उद्यापन का निषेध रहेगा।
 
दिनांक 03 फरवरी 2026 को 'होलाष्टक' की समाप्ति होगी। अत: 'होलाष्टक' की अवधि समाप्त होने के पश्चात् दिनांक 04 फरवरी 2026 से समस्त शुभ एवं मांगलिक कार्य पुन: प्रारंभ होंगे।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]
 
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