हमारे सनातध धर्म में प्रत्येक शुभकार्य के लिए शुद्ध व शास्त्रसम्मत मुहूर्त का होना अनिवार्य होता है। शुद्ध एवं सही मुहूर्त के अभाव में शुभ एवं मांगलिक कार्यों का किया जाना वर्जित हैं। शास्त्रानुसार 'होलाष्टक' की अवधि में समस्त शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन, सगाई, गृहप्रवेश, गृहारम्भ, व्रत-उद्यापन का निषेध रहेगा।