1 फरवरी, मंगलवार को है माघ अमावस्या, इस शुभ मुहूर्त में करेंगे पूजा तो मिलेगा धन, आएगी सफलता

इस वर्ष माघ मास (Maghi Amavasya) की अमावस्या 1 फरवरी 2022, मंगलवार (Amavasya 2022 date) को मनाई जा रही है। इस दिन नदी तट पर स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजन करने से अपार धन लाभ तथा सभी कार्यों में सफलता मिलती है। इस अमावस्या का धार्मिक दृष्टि से बड़ा ही महत्व बताया गया है।


माघी अमावस्या (Maghi Amavasya 2022) के दिन प्रात:काल स्नान के पश्चात सूर्यदेव को तिलयुक्त जल अर्पित करने तथा पितृ तर्पण (Pitru Tarpan) करने से धन-धान्य की प्राप्ति तथा आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन प्रयागराज और हरिद्वार में स्नान करने का विशेष महत्व धार्मिक ग्रंथों में माना गया है। 
 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघी अमावस्या (Maghi Amavasya) के दिन देवी-देवता स्वर्गलोक से आकर गंगा में वास करते हैं। इसी कारण अमावस्या पर गंगा स्नान करने से सभी प्रकार के पाप मिट जाते हैं और जीवन के तमाम कष्ट दूर होते हैं। इस दिन मौन व्रत (Maun Vrat) रखने से आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति में वृद्धि होकर जीवन में स्थिरता आती है। इस दिन उपवास रखने से भगवान शिव और पार्वती का पूजन करने से सुहाग की आयु लंबी होकर सौभाग्य प्राप्त होता है। दांपत्य जीवन में स्नेह और सद्भाव बढ़ाने के लिए भी सुहागिनों को सोमवती अमावस्या का व्रत पूजा करना चाहिए।
 
माघी अमावस्या (Maghi Amavasya) के दिन व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार दान तथा पुण्य अवश्य ही करने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति तीर्थस्थान जाकर स्नान नहीं कर पाता हैं, तब उस व्यक्ति अपने घर में ही प्रात:काल दैनिक कर्मों से निवृत्त नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।

इस दिन स्नान करते हुए मौन धारण करने तथा मंत्रों का जाप करने से जीवन में शुभता आती है। माघी या मौनी अमावस्या पर नदी स्नान के बाद दान (Ganga Snan, Daan) करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन कंबल, काला तिल, गरम कपड़े, तेल, जूते, सफेद तिल, शकर, तिल-गुड़ के लड्‍डू आदि चीजों का दान करने से ग्रह दोषों का निवारण होकर जीवन शुभ होता है। यहां जानिए शुभ मुहूर्त-  
 
माघी अमावस्या पर पूजन के शुभ मुहूर्त-Amavasya Muhurat 
माघी अमावस्या 1 फरवरी 2022, मंगलवार
 
इस बार सोमवती व भौमवती अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है। यह दिन सिद्धि और साधना के दृष्‍टि बहुत खास है। इस बार माघ अमावस्या (Magh Amavasya) की तिथि- 31 जनवरी दोपहर 2.20 मिनट से शुरू होकर मंगलवार, 1 फरवरी को 11.18 मिनट पर माघ अमावस्या तिथि का समापन होगा।

पंचांग के अनुसार इस दिन स्नान और दान के लिए उदयातिथि मान्य होने के कारण मंगलवार को ही माघी अमावस्या का स्नान, दान और व्रत करना उचित रहेगा। अमावस्या पूजा का शुभ समय- 1 फरवरी, मंगलवार दोपहर 2 बजे तक। भक्त दोनों ही दिन अमावस्या का लाभ उठा सकते हैं। 
 
मंगलवार को राहुकाल का समय- अपराह्न 3:00 से 4:30 बजे तक।
 
आरके.

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Bhoumvati Amavasya
 

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