त्रयोदशी पर पूजन की अवधि: 02 घण्टे 44 मिनट्स
प्रदोष व्रत का महत्व: प्रदोष व्रत का आयोजन विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा और उनके आशीर्वाद के लिए किया जाता है। यह व्रत मानसिक शांति, स्वास्थ्य में सुधार, और जीवन में समृद्धि लाने के लिए माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से शिवलिंग का पूजन किया जाता है, साथ ही 'ॐ नमः शिवाय' का जाप किया जाता है, जिससे जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति प्राप्त होती है।