गुरुवार की रात को करें ये 3 अचूक उपाय, मनोकामना होगी पूर्ण

WD Feature Desk

गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 (11:03 IST)
Guruwar Ke Upay: गुरुवार का दिन हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसे बृहस्पति देवता का दिन माना जाता है, जो ज्ञान, संपत्ति, सफलता और आध्यात्मिक विकास के कारक माने जाते हैं। विशेषकर गुरुवार की रात को किए गए उपाय और पूजा का असर अधिक माना जाता है।ALSO READ: Jupiter Transit 2026: बृहस्पति का मिथुन राशि में मार्गी गोचर, जानिए 12 राशियों पर इसका बड़ा प्रभाव
 
ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित है। यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना काफी समय से अधूरी है या जीवन में आर्थिक तंगी बनी हुई है, तो गुरुवार की रात को किए जाने वाले ये 3 अचूक उपाय अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं। मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और भाग्य का साथ मिलने लगता है।
 
1. सुख-समृद्धि के लिए हल्दी और जल का गुप्त उपाय
2. मनोकामना पूर्ति हेतु दीपक और केसर का उपाय
3. शीघ्र विवाह और सफलता के लिए पीले रुमाल और चने की दाल का उपाय
4. विशेष ध्यान रखने योग्य बातें
 

1. सुख-समृद्धि के लिए हल्दी और जल का गुप्त उपाय

गुरुवार की रात सोने से पहले एक पीतल के लोटे या तांबे के पात्र में जल भरें और उसमें एक चुटकी पिसी हुई हल्दी मिला दें।
 
विधि: इस पात्र को अपने सिरहाने (Bed के पास) रखकर सो जाएं। अगले दिन सुबह (शुक्रवार) उठकर इस जल को मुख्य द्वार पर छिड़कें या किसी पौधे (तुलसी को छोड़कर) में डाल दें।
 
लाभ: इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।
 

2. मनोकामना पूर्ति हेतु दीपक और केसर का उपाय

रात के समय घर के मंदिर में भगवान विष्णु या केले के पेड़ के पास (यदि घर में हो) एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
 
विधि: इस दीपक में रुई की बाती के साथ दो दाने केसर के या एक चुटकी हल्दी डाल दें। दीपक जलाते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें और अपनी मनोकामना मन ही मन कहें।
 
लाभ: केसर और घी की सुगंध से गुरु ग्रह प्रसन्न होते हैं, जिससे अटके हुए काम बनने लगते हैं।
 

3. शीघ्र विवाह और सफलता के लिए पीले रुमाल और चने की दाल का उपाय

यदि करियर में बाधा आ रही है या विवाह में देरी हो रही है, तो यह उपाय रामबाण माना जाता है।
 
विधि: गुरुवार की रात एक साफ पीला रुमाल लें। उसमें एक मुट्ठी चने की दाल और एक गुड़ की डली रखें। इसे बांधकर पोटली बना लें और भगवान विष्णु के चरणों से स्पर्श कराकर रात भर अपने तकिए के नीचे या सिरहाने रखें। अगले दिन सुबह इसे किसी मंदिर में दान कर दें या गाय को खिला दें।
 
लाभ: यह उपाय कुंडली के बृहस्पति दोष को शांत करता है और भाग्योदय में सहायक होता है।
 

विशेष ध्यान रखने योग्य बातें:

गुरुवार की रात को बाल और नाखून बिल्कुल न काटें।
 
इस दिन रात के भोजन में संभव हो तो पीली वस्तुओं (जैसे खिचड़ी या कड़ी) का सेवन करें।
 
उपायों को करते समय मन में पूर्ण श्रद्धा और सकारात्मकता रखें।
 
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