संसार के प्रत्येक जीव को उसके कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल देना शनि देव का ही कार्य है। उनकी इस व्यवस्था को चलाने में राहु-केतु उनकी पूरी तरह मदद करते हैं।
जब शनि के अशुभ परिणाम प्राप्त हो रहे हो तो निम्न उपाय अपनाएं...
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* सूर्योदय के पूर्व या सूर्यास्त पश्चात शनि स्रोत मंत्र, चालीसा का पाठ करें।
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* सूर्योदय के पूर्व प्रति शनिवार पीपल वृक्ष की जड़ में एक लोटा जल चढ़ाएं।
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* सरसों के तेल का दीपक लगाएं, काले कुएं या कौवे को तेल में तली हुई गुड़ में बनी मीठी रोटी खिलाएं।
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* काले घोड़े की नाल का छल्ला मध्यमा में शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद धारण करें।
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* अशक्त व वृद्धजनों को शनिवार के दिन काले वस्त्र, तवा, चिमटा दान दें व भोजन कराएं।