स्मृति आदित्य

स्वच्छ शहर का लगातार खिताब हासिल करने वाले इंदौर के बारे में जो छबि बनी है उसे बनाए रखने की जिम्मेदारी शहरवासियों की है। लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जो शहरवासी के साथ पुलिस, प्रशासन और पोलिटिशियन को भी सोचनी है। आइए जानते हैं 10 बातें जो शहर से दूर करना जरूरी है। Cleanest City Indore Smart city Indore
ऑस्कर वाइल्ड का पूरा नाम बहुत लंबा था, लेकिन वे सारी दुनिया में केवल ऑस्कर वाइल्ड के नाम से ही जाने गए। Oscar Wilde
नर्मदा की प्रेम-कथा लोकगीतों और लोककथाओं में अलग-अलग मिलती है लेकिन हर कथा का अंत कमोबेश वही कि शोणभद्र के नर्मदा की दासी जुहिला के साथ संबंधों के चलते नर्मदा ने अपना मुंह मोड़ लिया और उलटी दिशा में चल पड़ीं। सत्य और कथ्य का मिलन देखिए कि नर्मदा नदी विपरीत दिशा में ही बहती दिखाई देती है।
35 टुकड़ों में बंटी लाश में से निकल रहे हैं सुलगते हुए सवाल.... शादी की जिद ही श्रद्धा ने इसलिए की होगी क्योंकि कहीं न कहीं सुरक्षा, सम्मान और सहज जीवन के निहितार्थ उसने इन्हीं शब्दों में महसूस किए होंगे... वरना साथ तो रह ही रहे थे, माता पिता से बगावत भी कर ही चुके थे, फिर शादी की जिद क्यों? कैसी शादी,...
बचपन आज भी भोला और भावुक ही होता है लेकिन हम उन पर ऐसे-ऐसे तनाव और दबाव का बोझ डाल रहे हैं कि वे कुम्हला रहे हैं। उनकी खनकती-खिलखिलाती किलकारियां बरकरार रहें इसके ईमानदार प्रयास हमें ही तो करने हैं। Children's Day 2021
अगर पहली बार नई ड्रेस कैलेंडर में नक्षत्र देखकर पहनी जाए तो हो सकता है अचानक आपकी आर्थिक स्थिति सुधर जाए या फिर हो सकता है आपको लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिल जाए। क्या है नई ड्रेस और नक्षत्र का कनेक्शन? Nakshatra and new Dress
आइए जानते हैं महान गणितज्ञ लीलावती के बारे में जिनके नाम से गणित को पहचाना जाता था। लीलावती गणित विद्या की आचार्या थीं; जिस समय विदेशी क-ख-ग भी नहीं जानते थे, उस समय उसने गणित के ऐसे-ऐसे सिद्धांत सोच डाले, जिन पर आधुनिक गणितज्ञों की भी बुद्धि चकरा जाती है।
उल्लास से आँगन खिले, दान और दया के व्यंजन पकें, मर्यादाओं की दीवारें चमकें, प्रेरणा के चौक-माँडनें पूरें, परंपरा का कलश धरें, संकल्प का श्रीफल हो, आशीर्वाद का मंत्रोच्चार, मूल्यों का स्वस्तिक बने, आदर्श का ओम, सत्य का बने श्री और प्रगति के पग, शुभ की जगह लिखें कर्म और...
करवा चौथ पर एक कामकाजी महिला की कविता क्या हुआ जो नहीं लगा पाई इस बरस मेहंदी उनके प्रेम का रंग तो है न अब तक गाढ़ा क्या हुआ जो नहीं खरीदी कोई साड़ी उनकी परवाह का पैरहन तो है न कवच बनकर
राजा चंद्रसेन को जब शिवजी की अनन्य कृपा से घटित इस घटना की जानकारी मिली तो वह भी उस शिवभक्त बालक से मिलने पहुँचा। अन्य राजा जो मणि हेतु युद्ध पर उतारू थे, वे भी पहुँचे। सभी ने राजा चंद्रसेन से अपने अपराध की क्षमा माँगी और सब मिलकर भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन करने लगे। तभी वहाँ रामभक्त श्री हनुमानजी अवतरित...
मंदिर सुंदर,शहर सुंदर, हम सबके आज मन भी है सुंदर, विचार और भाव सुंदर, अहसास सुंदर....इन सबके बीच एक विचार एक भाव उस दर्शनार्थी का भी जोड़ लीजिए जो यह चाहता है कि घड़ी भर ठहर कर दर्शन कर लें भगवान बाबा महाकाल के.... जो लम्बी यात्रा के कष्ट झेलकर और लम्बी लाइन के संताप सहकर बाबा तक पहुंचा है मगर धकिया दिया...
भारतीय समाज को उनकी यह अनमोल देन हो सकती है कि वह अपनी बालिकाओं को अपनी समस्त वैचारिक धरोहरों के साथ संस्कारित करें और समाज की हर विपरित परिस्थिति का सामना करने की दक्षता विकसित करें। संयुक्त परिवार में ही बालिका का कोमल व्यक्तित्व एक कलात्मक निखार पा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं।
शरद की पूनम रात में चांद शबाब पर होता है। अमृत बरसाता हुआ,धवल चांदनी बिखेरता हुआ और पूरा का पूरा दिल में उतरता हुआ। कुछ-कुछ केसरिया, कुछ-कुछ बादामी। जैसे केसर महक उठी हो गहरे नीले आकाश में।
बदली में ही चांद सबसे ज्यादा खूबसूरत और दिलकश लगता है। हल्का-हल्का, झीना-झीना परदा सरकाकर आकाश में थिरकता और दमकता चांंद मुझे दुनिया का सबसे हसीन मित्र लगता है। आप इसे दृश्य कह लीजिए मेरे लिए तो एक पूरा जीवन और उसका समस्त सौन्दर्य समेटे 'दर्शन' है वह उसे कैसे 'दृश्य' कह दूं ?
सुप्रीम कोर्ट ने अबॉर्शन यानी गर्भपात पर एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार अविवाहित महिला को 24 हफ्तों तक गर्भपात का अधिकार है। अदालत ने फैसले में कहा कि विवाहित हो या अविवाहित सभी महिलाओं को 24 हफ्तों तक गर्भपात का अधिकार है।
कोई कहता है हिन्दी बोलने वालों को न रहने देंगे, हिन्दी को भी मिटा देंगे... मैं क्या कल की आई हुई कच्ची-पक्की बोली हूं जो मेरा नामोनिशान मिटा दोगे? मैं इस देश के रेशे-रेशे में बुनी हुई, अंश-अंश में रची-बसी ऐसी जीवंत भाषा हूं जिसका रिश्ता सिर्फ जुबान से नहीं दिल की धड़कनों से हैं। मेरे दिल की गहराई का...
त्योहारों पर व्यंजन परोसती अन्नपूर्णा के रूप में, श्रृंगारित स्वरूप में वैभवलक्ष्मी बनकर, बौद्धिक प्रतिभागिता दर्ज कराती सरस्वती और मधुर संगीत की स्वरलहरी उच्चारती वीणापाणि के रूप में।
मॉरिशस में हिन्दी का ही बोलबाला है। हर तरफ सिखाई और पढ़ाई जा रही है। आज वह निरंतर चमक रही है, महक रही है लेकिन दूसरी तरफ हमारी सीमाएं भी हैं। एक तरफ हम आगे बढ़ रहे हैं, अच्छा कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ वैश्विक स्तर पर हिन्दी आगे बढ़े उसके लिए प्रयासों में तेजी के साथ भाव और मंतव्य की शुद्धता व शुचिता...
नया घर हमारे लिए मंगलमयी हो, प्रगतिकारक हो, यश, सुख, समृद्धि और सौभाग्य की सौगात दें यही कामना होती है। आइए जानें 20 जरूरी बातें जो आपको नए घर में प्रवेश के समय याद रखनी चाहिए।
संजा कुंवारी कन्याओं का अनुष्ठानिक व्रत है। राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में किंचित हेरफेर के साथ वही रूप परिलक्षित होता है, जो मालवा जनपद में विद्यमान है। आश्विन मास की प्रतिपदा से मालवा की कुंवारी कन्याएं इस व्रत का शुभारंभ करती है जो संपूर्ण पितृपक्ष में सोलह दिन तक चलता...