नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्म में मास्टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्हें फिल्ड रिपोर्टिंग का अच्छा-खासा अनुभव है।
उन्होंने अखबार के संपादकीय, राजनीति और फीचर डेस्क पर भी काम किया है। वर्तमान में Webdunia.com में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर सेवाएं देते हुए डेस्क और रिपोर्टिंग का काम देख रहे हैं। इतने साल में उन्होंने हेल्थ, एन्वॉयरमेंट, क्राइम और आर्ट एंड कल्चर समेत कई तरह की बीट कवर की है। पॉलिटिकल, सोशल और ऑफबीट समेत कई ट्रेंडिंग मुद्दों पर नियमित लेखन करते हैं। Deutsche Welle (Germany) की प्रिंट जर्नलिज्म, डिजिटल और सोशल मीडिया पर वर्कशॉप का हिस्सा रह चुके हैं।
अपने पत्रकारीय अनुभव के अलावा नवीन रांगियाल कवि और लेखक भी हैं। उनकी कविताओं की अब तक दो किताबें (इंतजार में ‘आ’ की मात्रा और मैं मरा दो बार) प्रकाशित हो चुकी हैं। अपने ब्लॉग ‘औघटघाट’ पर वे संगीत, साहित्य और कला पर नियमित लेखन करते हैं। देश के कई बड़े साहित्यिक मंचों पर उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
संवाद के तमाम सत्रों में वक्ताओं को सुनकर मैं यह महसूस कर पा रहा हूं कि जब तक हम मनुष्य को नागरिक और उससे भी ज्यादा इंसान बनाने की प्रक्रिया के करीब...
एलपीजी गैस सिलेंडर के बीच केंद्र सरकार ने पीएनजी गैस कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया है। नई गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि जिन कॉलोनियों में या घरों के...
भारत में एक पुरानी कहावत रही है... जल पियो छानकर और गुरू बनाओ जानकर। लेकिन भारत में पानी छानकर पीना ही काफी नहीं है, यहां की भूमि में इतना जहर मिल चुका...
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों ने वेबदुनिया को बताया कि नए नियम सिर्फ निजी अस्पतालों के लिए लाया गया है, ऐसे में मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर...
इंदौर के आदिम जाति कल्याण के जनजातीय विभाग से जुड़ी अनियमितता का है। इस विभाग में एक अदने से वॉटरमैन (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) की मनमानी और उससे जुड़े दूसरे...
इंदौर फायर ब्रिगेड विभाग के पास न तो स्टाफ है और न ही आधुनिक सेफ्टी उपकरण और वाहन। जो फायर वाहन हैं वो इतने पुराने हैं कि उन्हें आरटीओ कंडम घोषित कर...
इन परिंदों को नहीं समझ आ रहा है कि आखिर उनके रहबर के घर के सामने इस गली में इंसानों की ये भीड़ क्यों लगी है. ये कैमरे— ये लाइटें क्यों चमक रही हैं— ये...
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स में स्थित पुगलिया परिवार के घर में हुए इलेक्ट्रिक कार हादसे में 8 लोगों की बेहद दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में मनोज पुगलिया...
नए संसोधन में ट्रांसजेंडर की परिभाषा को संकुचित कर दिया गया है। पहले वाले 2019 के कानून में ट्रांसजेंडर की परिभाषा बेहद व्यापक थी। उसमें कई चीजें शामिल...
इंदौर में LPG Gas Cylinder के क्राइसिस ने व्यापारियों को दहशत में डाल दिया है। दुकानदार और व्यापारी नाश्ता, भोजन और तमाम तरह की खाद्य सागग्री बनाने...
इस चमकती हुई 'नंबर 1' रैंकिंग की कीमत कौन चुका रहा है? हाल ही भागीरथपुरा में जहरीले पानी से 30 से ज्यादा मौतों के बाद अब सीवरेज चैंबर की जहरीली गैस से...
कमाल, देखिए कि ट्रेन ही वो जगह है— जहां दुनिया का सबसे बड़ा इल्म होता है कि नींद से बड़ा संसार में कुछ भी नहीं— और एक इंच जगह कितनी (ज्यादा) जगह होती...
जिस दुनिया में हम सामान्य लोग अभी जी रहे हैं, मुख्य धारा में काम कर रहे हैं, उठते हैं, बैठते हैं, उस दुनिया के परे भी, उसके सामानांतर भी एक दुनिया है—...
सरकारी कुर्सियों पर बैठे आलोक चक्रवाल जैसे बदमिजाज लोग अपनी नौकरी और पद की बदहवासी में नाजुक मिजाज लोगों से बदतमीजी कर बैठते हैं. लेखक कहानीकार मनोज रुपड़ा...
वेबदुनिया ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर साधना और सुनील साहू से बात की। साधना ने बताया कि उन्हें उल्टी और बुखार की शिकायत हैं। जिसके बाद उन्हें यहां एडमिट किया...
इंदौर में सड़क हादसों में, जाम में फंसने से, अस्पताल में गलत इलाज से और दूषित पानी से लगातार मौतें हो रही हैं, अपराध का ग्राफ ऊंचा उठ रहा है सो अलग। स्वच्छ...
उसके पहले तो हमारी पत्रकारिता और हम भी झूला झूलते हैं— ठेले से उठाकर फोकट की मटर खा लेते हैं और मामा से गजक मांग लेते हैं— उसके पहले तो हम भी वीडियो पर...
इंदौर के भागीरथपुरा की मेन रोड पर शवों पर फेंकने के बाद बिखरे फूल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यहां से अब तक 8 अर्थियां निकल चुकी हैं। इंदौर के सफाईकर्मी...
इंदौर में दूषित पानी से बीमार 500 से अधिक लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक बुजुर्ग और दो महिलाओं की मौत की खबर आ रही है। अस्पताल...
मैं इन सभी को इंसान के तौर पर नहीं जान सका. उनकी विशुद्ध भाषा मुझ तक पहुंची. शब्द पहुंचे. भाव पहुंचे. जिसकी बदौलत मैं उन्हें बतौर लेखक अपने भीतर ज्यादा...