विजय सिंह चौहान
Writer, litterateur, advocate
सुमन... 'कहां जा रही हो?' माधुरी ने पूछा तो सुमन ने आईने में खुद को निहारा। 'मॉल… फिर पार्लर,' वह बोली, 'मैनिक्योर, पेडिक्योर, कलर और नेल आर्ट, इस बार...
इजहार-दिवस के पावन अवसर पर भावनाएं ‘संवेदनाओं के आचमन’ की तरह गटकी जाती हैं, कभी-कभी तो पत्थर पर भी बुवाई कर दी जाती। कभी नजरों से, तो कभी तोहफों से इम्प्रेस...
कल (26 जनवरी) का क्या प्रोग्राम है? गणतंत्र दिवस है, क्यों न सपरिवार कहीं घूम आएं? सौरभ ने मित्रों के बीच अपनी बात रखी। सब हामी भर ही रहे थे कि पुष्पेंद्र...
शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024
आज फलाहार नहीं करोगे सुरेश? …आ जाओ भाई लंच का समय निकला जा रहा है। पंकज ने चिंतित स्वर में सुरेश को पुकारा। सुरेश- 'भाई, फलाहार तो लाया हूं मगर आज खाने...