होली साल का वो इकलौता दिन है जब इंसान स्वेच्छा से बंदर बनने के लिए तैयार होता है। सुबह-सुबह आप नहा-धोकर, क्रीम लगाकर शीशे में खुद को हैंडसम हंक समझ रहे...
जब सृष्टि की प्रथम भोर अभी पूर्णत: खुली भी नहीं थी जब पृथ्वी की निस्तब्ध मिट्टी में जीवन की हल्की हलचल भर उठी थी तभी प्रकृति ने
अपने हृदय का सबसे कोमल...
कविताएं केवल शब्दों का अनुशासन नहीं होतीं वे चेतना की वह खुली खिड़की होती हैं जहां से समय, समाज और आत्मा एक साथ झांकते हैं।कविता लिखी नहीं जाती क्योंकि...
होली की सुबह थी। आंगन में धूप ऐसे उतर आई थी मानो आकाश ने स्वयं गुलाल ओढ़ लिया हो। गली के बच्चे रंग और पिचकारियों के साथ दौड़ रहे थे, पर शर्मा जी के घर...
सुलग रहा है मन के भीतर घाव पुराना किसे दिखाएं। होंठों पर आकर बैठी है गुमसुम तन्हाई। विस्मित सा मन रिश्ते सूखे। लुक्का छिप्पी खेल रही है, ग़म की परछाई कौन...
वेलेंटाइन डे पर विशेष आलेख: अक्सर हम प्रेम को अपेक्षा का पर्याय मान लेते हैं। हम अपेक्षा करते हैं कि प्रिय हमारे अनुरूप आचरण करे। जहां अपेक्षा है, वहां...
वैदेही, जिनके नाम में ही विदेह की गरिमा और जानकी की पीड़ा समाहित थी। वे केवल एक अध्यापिका नहीं थीं, वे इस धूल भरे कस्बे के लिए सौंदर्य और विद्वत्ता का एक...
मैं जानता हूं सोने की देहलीज के भीतर कितनी काली रातें बसती हैं जहां धन की चकाचौंध में मानवता सबसे पहले मरती है तुम्हारा दुख किसी अभाव का नहीं अपमान की...
आज समर सिंह के छोटे भाई का तिलक था। पूरा घर मेहमानों से खचाखच भरा था। आंगन में हलवाई कढ़ाई चढ़ाए बैठा था और भीतर के कमरों में युवा पीढ़ी की डिजिटल महफिल...
सवर्ण हैं हम पर किसी सिंहासन पर बैठे हुए नहीं हम भी उसी मिट्टी से बने हैं जिससे पसीने की गंध आती है जिसमें इतिहास की राख मिली है और भविष्य की अनिश्चितता...
नर्मदा का प्रचलित पुराणिक रूप हमें यह बताता है कि उसके दर्शन मात्र से ही पापों के तिरोहित हो जाने का फल प्राप्त होता है। महान शास्त्रों के अनुसार गंगा-यमुना...
वीणा के मधु नाद से, जागे अंतःलोक। मां शारद करुणा मयी, हर लो अज्ञान शोक। हंसवाहिनी मातु तुम, वाणी की आधार। अक्षर अक्षर में रचो, बुद्धि विवेक अपार। पीत वसन...
परीक्षा, तनाव और वितनाव कोई शत्रु नहीं है। थोड़ी मात्रा में तनाव हमें सजग बनाता है, पर जब वह डर में बदल जाए, तब समस्या बनता है। तनाव कोई असामान्य स्थिति...
कुहरे की चादर तनी, सिमटी धूप उदास। तन मन सब ठंडा हुआ, थर थर कांपे श्वास। आंगन में जलने लगा, किस्सों भरा अलाव। ठंड सिखाए साथ में, रिश्तों का पहनाव। सुबह...
तुम्हारे प्रश्न, प्रश्न नहीं भीतर जलते दीप हैं, जो अंधेरे से नहीं अज्ञान से लड़ रहे हैं, भीड़ में खड़े होकर अकेले सोचना, और अकेले में समूचे जीवन की धड़कन...
हवा में कोई मौन फिर से बोलने लगता है,जैसे पृथ्वी के भीतर कोई पुराना घंटा ध्यान के लिए बज उठा हो। यह केवल एक जन्मदिन नहीं, यह उस चेतना का उत्सव है जो परंपरा...
ओशो एक बेजोड़ वक्ता थे। उनके प्रवचनों की शैली अनूठी थी गहन ज्ञान, कविता, चुटकुले, और व्यक्तिगत किस्सों का मिश्रण। उन्होंने महावीर, बुद्ध, कृष्ण, मीरा,...
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज के दौर में एक ऐसा विषय बन गया है जिस पर हर कोई बात कर रहा है। कुछ लोग इसे भविष्य की कुंजी मानते हैं, तो कुछ इसे मानव जाति के...
शनिदेव के जन्म से जुड़ी कथा अत्यंत रोचक और शिक्षाप्रद है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, शनिदेव भगवान सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं। सूर्यदेव की...
गांव की पगडंडी से शुरू होकर बंबई की चकाचौंध तक फैली एक यात्रा
धर्मेंद्र, जी आपका जीवन मानो किसी भूली हुई नदी की कथा हो जिसने पत्थरों से लड़ते हुए धूप...