फिल्म एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी का ग्लैमर की चकाचौंध से मोहभंग हो गया है और उन्होंने भगवा वस्त्र धारण कर लिया है। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में ममता किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के रूप में प्रतिष्ठित हुई हैं। जिसके उन्होंने उन्होंने संगम में अपना पिंडदान किया और फिर अखाड़े में उनका पट्टाभिषेक हुआ। उन्हें 'श्री यमाई ममतानंद गिरी' का नया नाम दिया है। वैसे ममता ने पहले ही संन्यास ले लिया था और वे साध्वी के रूप में जीवन व्यतीत कर रही थीं।
ममता की ग्लैमर वर्ल्ड में यात्रा बड़ी दिलचस्प रही थी और कभी उन्होंने अपनी बोल्डनेस से फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था। 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में जन्मीं ममता कुलकणी ने वर्ष 1991 में तमिल फिल्म 'ननबरगल' से अपने सिने करियर की शुरुआत की। ममता कुलकर्णी की मां ने एक अखबार में मॉडलिंग एजेंसी का एड देखा। ममता को लेकर उनकी मां एड एजेंसी के दफ्तर गईं। बाद में ममता कुलकर्णी ने मॉडलिंग में खूब नाम कमाया।
ममता कुलकर्णी ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1992 में रिलीज फिल्म 'तिरंगा' से की। राजकुमार और नाना पाटेकर की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में ममता कुलकर्णी ने छोटी सी भूमिका निभाई थी। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने 'मेरा दिल तेरे लिए' में काम किया लेकिन अपनी पहचान नहीं बना सकी। 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट करवाकर ममता कुलकर्णी चर्चा में आ गई थीं।
वर्ष 1993 में प्रदर्शित फिल्म 'आशिक आवारा' ममता कुलकर्णी के करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में ममता कुलकर्णी की जोड़ी सैफ अली खान के साथ काफी पसंद की गई। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने वक्त हमारा है और क्रांतिवीर जैसी हिट फिल्मों में भी काम किया। वर्ष 1995 में प्रदर्शित फिल्म करण-अर्जुन ममता कुलकर्णी के करियर की सुपरहिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में ममता कुलकर्णी ने सलमान खान के अपोजिट काम किया।
वर्ष 1996 में रिलीज राजकुमार संतोषी की फिल्म घातक में ममता कुलकर्णी ने कैमियो रोल किया। इस फिल्म में उनपर फिल्माया यह गीत 'कोई जाये तो ले आये' दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया। इसके बाद ममता कुलकर्णी ने नसीब, चाइना गेट, छुपा रुस्तम, किला जैसी कुछ फिल्मों में अभिनय किया। ममता कुलकर्णी का नाम अंडरवर्ल्ड से भी जुड़ा था।