ईशा गुप्ता उस समय अबू धाबी में थीं जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की। अचानक हालात बिगड़ गए, एयरपोर्ट बंद हो गया और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ईशा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वह सुरक्षित घर लौट आई हैं। उन्होंने लिखा, “घर वापस आ गई हूं। आप सभी की दुआओं और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। वह समय बेहद कठिन था, लेकिन भगवान की कृपा से हम सुरक्षित हैं।”
उन्होंने बताया कि जब वह 28 तारीख को एयरपोर्ट पर थीं, तभी दोपहर करीब एक बजे अचानक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। थोड़ी देर बाद मिसाइल हमलों की खबरें आने लगीं। हर कोई अपने परिवार को फोन कर रहा था, अजनबी लोग एक-दूसरे को दिलासा दे रहे थे। माहौल में डर साफ महसूस हो रहा था।
यूएई प्रशासन की तत्परता की सराहना
ईशा गुप्ता ने खास तौर पर संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की व्यवस्था और प्रशासन की तारीफ की। उन्होंने बताया कि अबू धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने हालात को बेहद शांत तरीके से संभाला। किसी ने घबराहट नहीं फैलाई, बल्कि संयम बनाए रखा।
चूंकि उन्होंने अभी चेक-इन नहीं किया था, इसलिए वह वापस अपने होटल लौट गईं। बाद में होटल में अन्य यात्रियों से जो अनुभव सुने, वे और भी चौंकाने वाले थे। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को खाने के लिए नकद राशि दी गई। सभी को लाइन में लगाकर व्यवस्थित तरीके से अलग-अलग होटलों में ठहराया गया। रात नौ बजे तक बसों की व्यवस्था कर दी गई थी, ताकि लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जा सके।
डर था, लेकिन अफरा-तफरी नहीं
ईशा ने लिखा कि सभी लोगों के मोबाइल फोन पर यूएई के गृह मंत्रालय की ओर से लगातार अलर्ट संदेश आ रहे थे, जिनमें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जा रही थी। जब स्थिति सामान्य लगती, तो आश्वासन के संदेश भी मिलते।
होटल स्टाफ पूरी रात बिना थके काम करता रहा। डिलीवरी सेवाएं भी जारी रहीं। उन्होंने कहा कि होटल की लॉबी में लोग डरे हुए जरूर थे, लेकिन किसी ने हंगामा नहीं किया। होटल सुरक्षा कर्मी लगातार सभी को भरोसा दिलाते रहे। ईशा के शब्दों में, “हम सब अंदर से डरे हुए थे, लेकिन किसी ने तनाव नहीं फैलाया। हम सब एक साथ इस स्थिति का सामना कर रहे थे।”
भारत और यूएई सरकार को धन्यवाद
ईशा गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम को किसी देश की असली ताकत का उदाहरण बताया। उन्होंने लिखा कि सही समय पर लिए गए मजबूत फैसले ही किसी देश की रीढ़ साबित होते हैं। उन्होंने यूएई और भारत सरकार का आभार जताया, जिन्होंने मिलकर लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मदद की।
इससे पहले भी रविवार सुबह हुए ताजा हमलों के बाद ईशा ने इंस्टाग्राम पर लिखा था, “जो लोग हालचाल पूछ रहे हैं, हम सुरक्षित हैं। समय डरावना है, लेकिन भगवान हमारी रक्षा कर रहे हैं।”